हरिद्वार। गंगा रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मातृसदन ने फिर से जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बार गंगा नदी में चंडी पुल के नीचे ट्रेजिंग के नाम पर खनन किए जाने के विरोध में आंदोलन शुरू होने जा रहा है। पूर्व में एक 194 दिन का तप (अनशन) करने वाले ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद बुधवार से अनशन शुरू करने जा रहे हैं।
मंगलवार को मातृसदन आंदोलन में पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि रायवाला से लेकर भोगपुर तक गंगा और उसकी सहायक नदियों में किसी भी प्रकार का खनन नहीं किया जा सकता है, लेकिन अब जिला प्रशासन की ओर से गंगा नदी में चंडीपुल के नीचे ट्रेजिंग के नाम पर खनन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन गंगा में ट्रेजिंग के नाम पर अवैध खनन किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा।
कहा कि प्रशासन खनन कर गंगा का नष्ट किया जा रहा है। जिससे पर्यावरण बिगड़ रहा है। इससे आपदाएं आ रही हैं, लेकिन प्रशासन माफिया के इशारे पर अवैध खनन गंगा में करने से नहीं रुक रहा है। जिसके परिणाम और भी गंभीर आएंगे। कहा कि उन्होंने ट्रेजिंग के नाम पर किए जाने वाले खनन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए जिलाधिकारी को ई-मेल किया था, लेकिन इसका जवाब मेल से भेजने की बजाए सामान्य डाक से भेजा गया। हालांकि, यह पत्र भी उन्हें मिल गया है।
उन्होंने कहा कि गंगा रक्षा के लिए मातृसदन बुधवार को सत्याग्रह शुरू कर देगा। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद ने कहा कि गंगा रक्षा के लिए बुधवार सुबह से अनशन शुरू कर देंगे। कहा कि जब तक गंगा में ट्रेजिंग के नाम पर किए जाने वाले खनन की प्रक्रिया को वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।