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शहीद संदीप रावत पंचतत्व में विलीन

Sat, 29 Oct 2016 10:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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Who was killed in Jammu and Kashmir Tangdhar young Sandeep Rawat's body for cremation at the crematorium in Hardwar Kdkdi bring young. - फोटो : amarujala
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जम्मू-कश्मीर के तंगधार में पाकिस्तानी रेजरों से मुठभेड़ के दौरान बृहस्पतिवार शाम शहीद हुए देहरादून के जांबाज संदीप रावत की पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट लाया गया और ‘भारत माता की जय’ और ‘संदीप रावत अमर रहे’ के नारों के बीच अंतिम संस्कार कर दिया। कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल ने पुष्पचक्र अर्पित कर दिवंगत जवान को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सेना की टुकड़ी ने शोक सलामी दी।

दोपहर करीब साढ़े 12 बजे संदीप रावत का शव खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट लाया गया। यहां पहले से शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। प्रदेश सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल ने श्रद्धांजलि दी। नम आंखों के बीच जब चचेरे भाई सुमेश रावत ने चिता को मुखाग्नि दी तो श्मशान घाट भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। इस दौरान हर आंख नम थी। डोईवाला के विधायक हीरा सिंह बिष्ट, मेयर मनोज गर्ग, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी,  दर्जा राज्यमंत्री संजय पालीवाल, मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष राव आफाक, जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ, एसएसपी राजीव स्वरूप, एसपी सिटी मणिकंात मिश्रा, एसडीए मनीष सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह, सुनील सेठी, कन्हैया खेवड़िया, गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी, महामंत्री रामकुमार मिश्रा, क्षेमानंद जोशी, गुलशन नैय्यर, मुरली मनोहर आदि ने शहीद संदीप रावत को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान दिवंगत जवान के पिता हरेंद्र रावत, चचेरे भाई शिवपाल रावत, बहनोई गजेंद्र, चाचा रवि रावत समेत कई रिश्तेदार एवं परिचित मौजूद रहे।
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नहीं पहुंच पाया भाई
शहीद जवान की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए उनका भाई दीपक रावत दुबई से नहीं पहुंच पाया। जिसकी वजह से मुखाग्नि चचेरे भाई सुमेश रावत ने दी। परिजनों ने बताया कि दीपक दुबई से चल दिया था। लेकिन अंतिम यात्रा में नहीं पहुंच पाया।
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