एनडीटीवी और असम के टीवी चैनल के प्रसारण पर रोक लगाने के विरोध में कांग्रेस के नेताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर शहर में मौन मार्च निकाला। कांग्रेस ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर अभिव्यक्ति के अधिकार पर रोक लगाने के प्रयास पर केंद्र सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रविवार को पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार के नेतृत्व में देवपुरा चौक पर कांग्रेसी कार्यकर्ता एकत्रित हुए। चौक पर लगी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वहां से जुलूस के रूप में डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे। इस मौके पर पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए युवाओं को पूरी ताकत से संघर्ष को सड़कों पर उतरना होगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार का पिछले दो साल का कार्यकाल इस बात का गवाह है कि सोचने, बोलने और देखने की आजादी छिनने का काम किया जा रहा है। अब मीडिया पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसे कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। मुरली मनोहर, धर्मपाल ठेकेदार, पार्षद अमन गर्ग आदि ने कहा कि असहमति की गुंजाइश मोदी के लोकतंत्र में नहीं है। अब संविधान बदलने का भी काम किया जा रहा है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर सोम त्यागी, अंकित चौहान, आकाश भाटी, उज्ज्वल वालिया, गवाक्ष जोशी, उत्कर्ष वालिया, विजय प्रजापति, हीरा सिंह बिष्ट, शुभम मैंदोला, सुनील सेठी, कैलाश भट्ट, तरुण बेरी, राजेश सुखीजा, अजय वाधवा, राजा कुमार, शहाबुद्दीन अंसारी, रईस ठेकेदार, नरेश चनयाना, राजेश सुखीजा, नितिन यादव आदि शामिल हुए।