- रानीपुर कोतवाली क्षेत्र का मामला, पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपी फरार
- घायल को हायर सेंटर रेफर करने के बाद राजस्थान इलाज के लिए ले गए थे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति को रास्ते में रोककर मारपीट करने के बाद बिल्डिंग की छत से नीचे धक्का देने का मामला सामने आया है। व्यक्ति के दोनों पैर टूट गए, जबकि सिर में भी गंभीर चोटें आईं। इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित प्रभावी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, कुणाल प्रजापति निवासी सुजानगढ़ जिला चुरू राजस्थान हाल आनंद विहार कॉलोनी सलेमपुर महदूद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके पिता पूनमचंद 24 जुलाई की रात करीब 11 बजे अपने परिचित प्रहलाद के बेटे के जन्मदिन कार्यक्रम से वापस घर लौट रहे थे।
आरोप है कि रास्ते में राघव निवासी सुल्तानपुर माजरी और मोहित निवासी जमालपुर खुर्द ने उनका रास्ता रोक लिया। दोनों शराब के नशे में थे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। उसके पिता को जबरन जायसवाल कंपाउंड बिल्डिंग के पास हनुमान मंदिर वाली गली, बैरियर नंबर छह तक ले गए। वहां उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की गई।
आरोप है कि हमलावरों ने बिल्डिंग की छत से पूनमचंद को नीचे धक्का दे दिया। छत से गिरने के कारण पूनमचंद के दोनों पैर टूट गए और सिर में गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि इसके बाद भी नीचे आकर उनके साथ लात-घूंसों और लाठी-डंडों से मारपीट की गई। मृत समझकर सड़क पर छोड़ दिया। लोगों की भीड़ जुटने पर आरोपी भाग निकले।
घायल को अस्पताल ले जाया गया, हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें उपचार के लिए राजस्थान ले गए थे। आरोप है कि सुमित जायसवाल ने फैसले का दबाव बनाया। उसने आरोपियों का बचाव किया व धमकाया। अब वापस हरिद्वार पहुंचकर तहरीर दी। क्षेत्राधिकारी सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी ने बताया कि राघव, मोहित और सुमित जायसवाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।