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बोल बम के जयघोष से गूंजे शिवालय

Fri, 24 Feb 2017 10:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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महाशिवरात्रि के पर्व पर शहर और आसपास के शिवालय बोल बम के जयघोष से गूंज उठे। स्थानीय और विभिन्न क्षेत्रों से आए शिवभक्तों ने हरिद्वार के पौराणिक शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। दिनभर मंदिरों के लंबी कतारें लगी रही। श्रद्धालुओं ने चार पहर की पूजा की। भगवान शिव की आराधना रात भर चली।     
 
कनखल के दक्षेश्वर मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। यहां जलाभिषेक और पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी कि चार कतारें लगानी पड़ी। लोगों को अपनी बारी के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। इसी तरह से बिल्वकेश्वर मंदिर में भी लंबी कतारें मेला अस्पताल तक पहुंच गई। गौरी कुंड पर भी भक्तों की भीड़ लगी रही। दरिद्र भंजन, दुख भंजन, तिल भांडेश्वर, जनवासा, नीलेश्वर, गौरीशंकर, गुप्तेश्वर, जलेश्वर, जटिलेश्वर, विश्वेश्वर आदि अनेक पौराणिक मंदिरों में शिव भक्तों ने भगवान आशुतोष का अभिषेक कर आरती उतारी। पंचपुरी की तमाम शिवमूर्तियों पर भक्तों ने पुष्प वर्षा की। गंगा किनारे स्थित महामृत्युंजय और अद्र्धनारीश्वर की प्रतिमा पर भी भक्तों ने पूजा की। मकरवाहिनी मंदिर में विशेष आरती उतारी गई। इसी भांति पंचपुरी के अनेक अन्य मंदिरों में भी भक्तों ने दिनभर पूजा अर्चना की। अनेक श्रद्धालुओं ने दिन भर व्रत रखकर भोलेनाथ की चार पहर पूजा की। चूंकि पूजा का मुहूर्त रात्रि के समय भी था, अत: रात भर औधड़दानी बाबा व महाकाल स्वरूपों की अर्चना की गई। अनेक स्थानों पर सायंकाल से संकीर्तन प्रारंभ हुए, जो रात भर चलते रहे।
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शिव भक्तों की भीड़ हरकी पैड़ी सहित अन्य अनेक गंगा तटों पर भी लगी रही। हजारों कांवड़ियों ने शुक्रवार के दिन जल भरकर स्थानीय मंदिरों में भी जलाभिषेक किया। समीपवर्ती जनपदों से आए कांवड़िए वाहनों से भी जल लेने पहुंचे। हजारों कांवड़ियों ने ऋषिकेश के वीरभद्र व नीलकंठ महादेव जाकर भोलेनाथ पर जल चढ़ाया।      
  
शिव बारात में शामिल हुए भूतगण
हरिद्वार। हरिद्वार नगर, कनखल और ज्वालापुर में भोलेनाथ की बारात अत्यंत धूमधाम से निकाली गई। दर्जनों बैंड बाजों के साथ इन बारातों ने नगर भ्रमण किया। सभी बारातें शिव मंदिरों में पहुंची, जहां प्रसाद वितरण किया गया।       
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कनखल में निकली शिव बारात चौक बाजार होते हुए तिल भांडेश्वर मंदिर पहुंची। यहां सामूहिक जलाभिषेक का आयोजन किया गया था। प्रति वर्ष की भांति हरिद्वार की सबसे पुरानी शिव बारात सुभाषघाट स्थित प्रकाशेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई। इस बारात में छह बैंड और दर्जनों झांकियां शामिल थी। बारात में दिगंबर भूतगण भस्म रमाए नृत्य करते हुए चल रहे थे। यक्ष गंधरों व  शिव पार्वती का रूप धारण किए, दर्जनों बालक रास्ते भर नृत्य करते चलते रहे। इस बारात का संयोजन उमाकांत दीक्षित, हिमांशु शर्मा, दीपक शर्मा, अमित कौशिक, राघव मित्तल, गौरव चक्रपाणी आदि द्वारा किया गया। ऐसी ही शिव बारात उपनगरी ज्वालापुर में मोहल्ला देवतान से पुरानी अनाज मंडी होते हुए चौक बाजार के रास्ते निकाली गई। इस यात्रा में अनेक बैंड बाजे और झांकियां शामिल रही। भगवान नंदी की विशेष सवारी निकाली गई। भोलेनाथ तथा पार्वती का रूप धारण कर भक्तों ने पूरे बाजार नृत्य किया।
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