हरिद्वार। ज्वालापुर पुलिस ने कथित भाई को मरा दर्शाकर एलआईसी से 10 लाख की रकम डकार लेने की साजिश रचने के मामले में शामिल एलआईसी एजेंट को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इस मामले में मुख्य आरोपी दुकानदार की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दी है।
पिछले वर्ष दिसंबर माह में एलआईसी के शाखा प्रबंधक चंद्रशेखर वर्मा ने इस मामले में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि कनखल के शेखुपुरा के रहने वाले दुकानदार पंकज ने वर्ष 2010 में नरेंद्र के नाम से एक एलआईसी कराई थी। ये एलआईसी उनके एजेंट गजेंद्र के माध्यम से की गई थी। आरोप था कि वर्ष 2015 के मार्च माह में पंकज ने अपने भाई नरेंद्र की बीमारी से मौत होना बताकर दस लाख का क्लेम लेना चाहा। एलआईसी एजेंट गजेंद्र ने अपनी रिपोर्ट में नरेंद्र की मौत की पुष्टि भी कर दी, लेकिन जब विभाग ने अपने स्तर से जांच कराई तब चौंकाने वाली जानकारी सामने आई थी। पंकज के तीन सगे भाई हैं और वे सभी जिंदा है। उसका नरेंद्र नाम का कोई भाई ही नहीं है। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की जांच कर रहे नागेंद्र घिल्डियाल ने बताया कि एलआईसी एजेंट गजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि पेशे से दुकानदार पंकज की तलाश जारी है। बताया कि आरोपियों ने बहादराबाद के एक इंटर कालेज के नाम से फर्जी आयु प्रमाणपत्र एवं आधार कार्ड भी बना रखा था। यही नहीं एलआईसी कराने के लिए बहादराबाद के एक इंटर कालेज के लेटरहेड पर फर्जी आयु प्रमाणपत्र भी बनाया हुआ था।