कनखल श्मशान समूचे उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के श्रेष्ठ श्मशान घाटों में शामिल है। यहां की व्यवस्था अनुकरणीय है। मंगलवार की शाम गुरुमंडल आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर भगवत स्वरूप ने यहां बनवाए गए दो वातानुकूलित विश्रामालयों का लोकार्पण किया। श्मशान में अपने परिजन को लेकर आए नगरवासियों के लिए यह दोनों भवन बैठने के काम आएंगे।
बड़ा अखाड़ा उदासीन के पंचपरमेश्वर श्रीमहंत परमेश्वर दास ने लोकार्पण करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी रामस्वरूप महाराज की मान्यता थी कि श्मशान पर आने वाले लोगों को पूरा विश्राम मिलना चाहिए। उन्हीं की स्मृति में लोक और परलोक सुधारने वाले श्मशान घाट का विकास किया गया है। यहां आकर सब बराबर हो जाते हैं। निर्मल पीठाधीश्वर श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने स्वर्ग द्वार पर बनाए गए भवनों को सत्कर्म बताया। इस अवसर पर बड़ा अखाड़े के महंत मोहनदास, चेतन देव कुटिया के मोहनदास महाराज, स्वामी भगवत स्वरूप, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद आदि ने भी विचार रखे। श्मशान विकास समिति के सरंक्षक प्रदीप चौधरी, अध्यक्ष जगदीश अत्री तथा महामंत्री राम कुमार मिश्रा ने आए संतों का स्वागत किया। आयोजन में महामंडलेश्वर कपिल मुनि, स्वामी विवेकानंद, डा. श्यामसुंदर दास शास्त्री, योगी गणेश नाथ, रघुवीर दास, संतोषानंद, दामोदर दास, भगवत अग्रवाल आदि ने भी भाग लिया।