हरिद्वार। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के तहत पीपीपी मोड की अनुबंधित कंपनी केआरएल और नगर निगम के बीच तनातनी बनी हुई है। कंपनी प्रतिमाह कूड़ा उठाने के बदले टिपिंग शुल्क के भुगतान की समय अवधि लिखित रूप में मांग रही है। ऐसा नहीं होने पर वह 9 दिसंबर से नगर निगम के 13 वार्डों में घर-घर कूड़ा लेने और उठाने का काम बंद कर देगी।
कंपनी ने इसका लिखित में नोटिस भी नगर निगम को दिया है। मुख्य नगर अधिकारी विप्रा त्रिवेदी का कहना है कि कंपनी एग्रीमेंट का पालन नहीं कर रही है। उसके पास नगर निगम को 45 लाख रुपया एडवांस में है। जिस ढंग से सफाई व्यवस्था में सुधार होना चाहिए था वह कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। कंपनी कंपोस्ट प्लांट लगाने के लेकर भी सक्रियता नहीं दिखा रही है। इसके विपरीत केआरएल की ओर से मनोज शर्मा ने बताया कि नगर निगम को 65 लाख रुपये टिपिंग शुल्क के देने हैं। हमारा अनुबंध नगर निगम के साथ है। जबकि अधिकारी हर बात को बोर्ड को स्वीकृति पर टाल देते हैं। पैसा होने पर भी नहीं दिया जा रहा है।
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यह मसला सफाई व्यवस्था से जुड़ा है। कुछ समस्या है तो मुख्य नगर अधिकारी को कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान का प्रयास करना चाहिए । इसके लिए मुख्य नगर अधिकारी को निर्देश भी दिया गया है। यदि किसी कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है तो एमएनए इसके लिए जिम्मेदार होंगी।
- मनोज गर्ग , मेयर