हरिद्वार। सोमवार देर रात गंगाजल लेकर जा रहे कांवड़ियों पर पुलिसकर्मियों ने डंडा मार दिया, जिससे हंगामा हो गया। आरोप है कि कनखल थाने के पुलिसकर्मियों ने कांवड़ियों से अभद्रता करते हुए लाठी फटकारी। इसके बाद कांवड़ यात्रियों ने हंगामा काटा और हिंदूवादी संगठन से जुड़े कई लोग और संत भी उनके समर्थन में आ गए। देर रात तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर शिवभक्तों को समझाया। खंडित हुए जल को लाने के साथ ही कांवड़ यात्रियों के उपचार की बात पर सहमति बनने पर हंगामा शांत हो पाया।
जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद, बागपत और पुरा महादेव के सेवादारों का जत्था सोमवार रात हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर डीजे के साथ कांवड़ लेकर पुरा महादेव जा रहे थे। कनखल थाना क्षेत्र में प्रेमनगर आश्रम चौक से पहले सर्विस रोड पर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जाम लगने का हवाला देते हुए कांवड़ यात्रियों से अभद्रता कर दी। इस बीच कांवड़ की पुलिस से नोकझोंक हो गई। कांवड़ यात्रियों का कहना था कि कोई जाम नहीं लगा। आरोप है कि पुलिस ने हंगामा बढ़ने पर लाठियां फटकार दी, जिसमें कई कांवड़ यात्रियों को लगी और उन्हें चोटें आई हैं।
इससे गुस्साए कांवड़ियों ने हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर कई संत भी उनके समर्थन में आ गए। सभी प्रेमनगर आश्रम चौक के पास पुल पर धरने पर बैठ गए। हंगामा बढ़ने पर देर रात एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, सीओ सिटी जूही मनराल आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह कांवडियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। लाठियां फटकारने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, खंडित गंगाजल दोबारा मंगवाने के साथ ही डंडे लगने से चोटिल हुए कांवड़ियों को उपचार की मांग पर अड़े रहे। एसपी सिटी खुद कांवड़ियों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और खंडित जल को दोबारा मंगवाया गया। तब जाकर रात तीन बजे हंगामा शांत हो पाया।
कांवड़ियों के अंदर भ्रम की स्थिति बन गई थी। कांवड़ियों से वार्ता की गई और जो भ्रम था उसे दूर किया गया। इसके बाद सभी कांवड़िये लौट गए। आगे इस पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा कि कोई ऐसी स्थिति पैदा न हो।
- स्वतंत्र कुमार सिंह, एसपी सिटी हरिद्वार