अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर हरिद्वार पहुंची प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन मोदी की तुलना जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने उर्मिला से की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से राम राज्य की स्थापना में सबसे बड़ा त्याग लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला का था, उसी प्रकार से नरेंद्र मोदी की सफलता के पीछे जशोदाबेन का भी मौन तप है।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन मोदी ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा के तहत मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। जशोदाबेन ने आध्यात्मिक पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि धर्मनगरी आध्यात्मिक केंद्र है। यहां वह वर्ष 2014 में भी 10 दिन के प्रवास के लिए पहुंचीं थी। तब उन्होंने यहां रहकर हरिद्वार के विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी किया।
इस दौरान उन्होंने काली मंदिर में पूजा कर देश के विकास एवं समृद्धि के लिए कामना की। शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि जो संदेश लेकर वह देश में भ्रमण कर रही हैं, इससे समाज में जागृति आएगी। इससे युवाओं को खासकर महिलाओं को नई प्रेरणा मिलेगी। इस मौके पर यात्रा संयोजक सत्यप्रकाश रेशु, दर्जाधारी भगतराम कोठारी, निशा शर्मा, अभिषेक कौशिक, भगवताश्रम, नरेश शर्मा, सचिन बेनीवाल, नवीन स्वामी, नारायण शास्त्री, मुकेश अग्रवाल, विनोद खादी, ऋषि सचदेवा आदि शामिल हुए।