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हरिद्वार: जापान के दो संत निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर बने, पट्टाभिषेक समारोह में प्रदान की गई उपाधि

Wed, 30 Sep 2026 03:07 PM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

जापान से सनातन परंपरा से जुड़े दो संतों को अब निरंजनी अखाड़े में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वीरभद्र मंदिर में आयोजित समारोह में संत समाज की मौजूदगी के बीच दोनों को महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई।
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 जापान के दो संत निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर बने - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जापान के संत स्वामी महादेवानंद गिरी और स्वामी कृष्णानंद गिरी को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया। वीरभद्र मंदिर में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह में उन्हें यह उपाधि प्रदान की गई। दोनों संत महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी के शिष्य हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी की अध्यक्षता में यह समारोह हुआ।

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निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर और 13 अखाड़ों के संत महापुरुषों ने उन्हें तिलक चादर प्रदान कर पद पर अभिषिक्त किया। श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि महामंडलेश्वर केवल एक पद नहीं, बल्कि सनातन के संरक्षण और संवर्धन का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों नवनियुक्त महामंडलेश्वर जापान में सनातन के प्रचार-प्रसार में योगदान करेंगे।

निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अखाड़ा और संत परंपरा का पालन करते हुए सनातन के उत्थान में योगदान दें। विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने भी उन्हें बधाई दी। सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी और महंत दर्शन भारती ने कहा कि कई देशों में लोग सनातन संस्कृति अपना रहे हैं।
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उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वामी महादेवानंद गिरी और स्वामी कृष्णानंद गिरी जापान में सनातन के प्रचार-प्रसार को गति देंगे। महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी ने भी उन्हें आशीर्वाद दिया। नवनियुक्त महामंडलेश्वरों ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संत परंपराओं का पालन करेंगे। वे जापान में श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति से जोड़ने का काम करेंगे।

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