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जाम से हांफा शहर

Mon, 13 Jun 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
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हरिद्वार। पुलिस प्रशासन ने बेहतर कार्ययोजना बनाकर श्रद्धालुओं को राहत दिलाने का दावा किया था लेकिन रविवार को उमड़ी भारी भीड़ और अनवरत चल रही वाहनों की लंबी लाइन ने पुलिस के सारे प्रयोग फेल कर दिए। बहादराबाद से सप्तऋषि तक जगह-जगह लगे जाम में श्रद्धालु चिलचिलाती धूप में बिलबिला उठे। देर शाम तक पुलिस जाम खुलवाने के लिए जूझती रही।
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शनिवार को हाईवे पर लगा जाम देर रात खुला भी नहीं था कि सुबह आठ बजे से हाईवे फिर जाम हो गया। सुबह ही देहरादून और दिल्ली-मेरठ की ओर से हरिद्वार आ रहे वाहनों की संख्या के आगे धर्मनगरी की सड़कें व पार्किंग स्थल छोटे नजर आने लगे। जबकि रविवार को कहीं जाम न लगे इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पहले ही पूरा अमला सड़क पर उतारा हुआ था। नई कार्ययोजना के तहत रोडवेज की बसें और छोटे वाहनों को हाईवे की बजाय ज्वालापुर-हरिद्वार मार्ग से निकालने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन इससे शहर के भीतर लगे जाम से लोगों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ा। ऋषिकुल तिराहे, देवपुरा चौक, चंद्राचार्य चौक व शंकर आश्रम पर लगा जाम घंटों तक भी नहीं खुला। हाईवे पर एक-एक किलोमीटर की दूरी तीन घंटे में भी तय नहीं हो पा रही थी। एसएसपी राजीव स्वरूप, एसपी सिटी नवनीत भुल्लर, सीओ सिटी प्रकाश देवली समेत कई अधिकारी व कर्मचारी जाम से जूझते दिखे।

सीएम के कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए कांग्रेसी
ज्वालापुर से कांग्रेस के कई कार्यकर्ता उत्तरी हरिद्वार स्थित हरिसेवा आश्रम में चल रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यक्रम में भाग लेने कार से रवाना हुए। लेकिन मध्य हरिद्वार में जाम का आलम देखकर उनका हौसला जवाब दे गया और वह लौट आए। बाद में कार्यकर्ता शिवालिकनगर में दिवंगत लेफ्टिनेंट कर्नल रंजीत सिंह पंवार को श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे। मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिले कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज ने बताया कि उनके अलावा कई अन्य कार्यकर्ता जाम के चलते उत्तरी हरिद्वार नहीं पहुंच पाए।
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कॉलोनी की सड़कें बनी पार्किंग
जाम का आलम यह था कि बड़ी संख्या में जब हाईवे पर अपनी गाड़ी नहीं चला पा रहे थे तो इंतजार करने के लिए उन्होंने शहर का रुख किया। हाईवे से सटी कॉलोनियों में गाड़ियां खड़ी कर काफी देर तक यातायात सामान्य होने का इंतजार करते रहे। गोविंदपुरी, मध्य हरिद्वार, आवास विकास आदि कॉलोनियों में ऐसे सैकड़ों वाहन खड़े दिखाई दिए।
सूना पड़ा रहा हिल बाईपास मार्ग
हरिद्वार। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए हिल बाईपास मार्ग को खोले जाने की जरूरत इन दिनों बहुत महसूस की जा रही है। प्रशासन की तरफ से भी वन विभाग के स्थानीय और शासन में बैठे अधिकारियों को पत्र भेजकर व व्यक्तिगत तौर पर इस मार्ग को खोलने के लिए संपर्क किया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए वन विभाग ने हिल बाईपास मार्ग का फाटक नहीं खोला। रविवार को जब शहर में वाहनों की भरमार थी तब भी हिल बाईपास मार्ग खाली पड़ा रहा। लोग इस मार्ग से जल्दी निकलने के चक्कर में फाटक तक पहंचे, लेकिन वहां से उन्हें निराशा मिली। दोपहर बाद करीब तीन बजे कुछ चालकों ने पार्क के बंद पड़े फाटक पर तैनात कर्मचारी पर पैसे लेकर वाहन निकालने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना था कि वैसे तो वाहनों को इस रास्ते से गुजरने नहीं दिया जा रहा है, लेकिन कर्मचारी पैसे लेकर वाहनों को निकाल रहे हैं। कुछ मीडियाकर्मियों ने पैसे लेते हुए फोटोग्राफी की तो वहां तैनात युवक गलती हो गई और माफ कर दीजिये जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए गिड़गिड़ाने लगे। काफी देर तक हंगामे के बाद श्रद्धालु लौट गए।

मार्ग खुलवाने को सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार
हरिद्वार। श्रद्धालुओं से खचाखच भरे हरिद्वार में दम तोड़ती यातायात व्यवस्था का मुद्दा हरिसेवा आश्रम में भाग लेने आए मुख्यमंत्री हरीश रावत तक भी पहुंचा। पत्रकारों ने जब सीएम का ध्यान शहर के जाम और खाली पड़े हिल बाईपास की तरफ दिलाया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए सरकार अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
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