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जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री को बर्खास्त करे केंद्र

Wed, 13 Jul 2016 12:18 AM IST
hridwar uttrakhanda india
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जम्मू कश्मीर के सीएम को करें बर्खास्त - फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम ने कहा कि केंद्र को जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। आतंकवाद से निपटना उनके बस की बात नहीं। केंद्र का दायित्व है कि दृढ़ इच्छा शक्ति के आधार पर देश से आतंकवाद का सफाया किया जाए।
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम कनखल के जगद्गुरु आश्रम में अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद लंबे समय से देश को बर्बाद करता आया है। वर्तमान समय में केंद्र की सत्ता में जो लोग बैठे हैं, उनमें दृढ़ इच्छा शक्ति की कमी नहीं। लंबे समय से वे आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूं तो आतंकवाद पूरे विश्व की समस्या बन चुका है, लेकिन भारत के लिए पड़ोसी देशों से लगातार चुनौती मिलती रही है। अब समय आ गया है कि प्रतीक्षा के बजाय सख्त कार्रवाई की जाए। अब भी प्रतीक्षा की गई तो फिर बहुत देर हो जाएगी। जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि जिन लोगों के जमाने में आतंकवाद पनपा है, उन्हें आतंक के खिलाफ लड़ाई में सहयोग देना चाहिए। सीमा पार से बढ़ावा मिल रहे आतंकवाद से समूचे कश्मीर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। प्रदेश की मुख्यमंत्री से जिस तत्परता की आवश्यकता थी, वह एक बार भी नहीं दिखाई गई। जब तक कश्मीर की मुख्यमंत्री को बर्खास्त नहीं किया जाएगा, तब तक आतंकवाद का मुकाबला नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पाकिस्तान आसानी से बाज आने वाला नहीं है। यह घड़ी केंद्र सरकार की प्रतीक्षा की घड़ी है। यह ठीक है कि इस सरकार को आतंकवाद विरासत में मिला है, अब चुप्पी से काम नहीं चल सकता। आतंकवादियों पर किसी का नियंत्रण नहीं रह गया है। केंद्र सरकार को खुलेआम चुनौती दी जा रही है कि पाकिस्तान से आतंकवादी भारत में प्रवेेेश कर जाएं। उन्हें वहीं ढेर करना होगा। शंकराचार्य ने कहा कि यह समय अधिक सोचने का नहीं है। इस वक्त की चूक बहुत भारी पड़ सकती है। जिस प्रकार कश्मीर को आतंकवादियों ने आईएसआई की मदद से अपनी गिरफ्त में लेने का ऐलान किया है उसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर मुकाबले के लिए खड़े हो जाना चाहिए। यह तभी संभव है जब आतंकवादियों को कश्मीर से मिलने वाली मदद बंद हो जाए। महबूबा के रहते यह संभव नहीं है।
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