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तो निशाने पर दूसरे भेलकर्मी का घर था

Wed, 13 Jul 2016 12:12 AM IST
hridwar uttrakhanda india
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तो निशाने पर था कोई और - फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। शराब के नशे में धुत्त डकैत कही गलतफहमी में तो वारदात को अंजाम नहीं दे बैठे। यह बात इसलिए उठ रही है कि, वे बार बार यही पूछ रहे थे कि ये फलां भेलकर्मी का घर है। मां बेटे ने इंकार भी किया पर वे नहीं माने। फिर मां बेटे को एक साथ बंधक बनाकर पिटाई की।
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 घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जैसे ही डीजीएम की पत्नी अंबेश राजन से घटना की जानकारी लेनी चाही तो वह सिहर उठीं। बदहवास महिला की जुबां से बोल भी नहीं फूट पाए। उसने पुलिस को रोते हुए बताया कि वे बहुत खतरनाक थे। कृषाभ ने बताया कि बदमाश जब घर में लूटपाट की वारदात को अंजाम दे रहे थे तब एक बदमाश उसकी मम्मी से यही पूछ रहा था कि ये फलां भेलकर्मी का घर है। मम्मी ने मना किया तब उल्टा कई थप्पड़ जड़ दिए, उसे भी पीटा। इससे यह सवाल उठ रहा है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि बदमाशों के निशाने पर किसी दूसरे भेलकर्मी का घर था और गलतफहमी से सीनियर डीजीएम के घर घुस गए। क्योंकि उस भेलकर्मी का घर भी फलांग भर की दूरी पर ही है। फिलहाल दूसरे स्थान पर ट्रांसफर हो चुके भेलकर्मी की पत्नी अकेली यहां रह रही है।
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जब भेल सुरक्षित नहीं, फिर सुरक्षा भला कहां
- दिनदहाड़े की घटना से बढ़ी भेलकर्मियों की चिंता के बल
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। बेहद सुरक्षित माने जाने वाले भेल में दिनदहाडे़ घटी घटना ने हर भेलकर्मी को हिलाकर रख दिया है। हर कोई अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। इसकी बड़ी वजह घर में महिलाओं-बच्चों का अकेला होना ही है। बड़ी बात ये है कि घटनास्थल के ठीक सामने विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल है और जब घटना घटी तब स्कूल में परीक्षा चल रही थी। पूरा स्टॉफ मौजूद था खासी चहल पहल थी। डीजीएम के घर पहुंच रहे हर भेलकर्मी की जुबां पर केवल सुरक्षा का ही मुद्दा रहा। वे प्राईवेट चौकीदारों को कोसते नजर आए।
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सीसीटीवी कैमरे में हुए कैद
हरिद्वार। घटनास्थल के ठीक सामने विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इस कैमरे में तीन बदमाशों के चेहरे कैद हुए हैं। वह घर में घुसते दिखाई दे रहे हैं और अंदर से लौटते हुए दिखाई दे रहे हैं। एसओजी ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली है।
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रैकी कर दिया वारदात को अंजाम
हरिद्वार। वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाश रैकी कर रहे थे। ये तीसरा मौका था और बदमाश घटना को अंजाम देने में कामयाब रहे। वे पूर्व में दो बार भी सीनियर डीजीएम के घर आए थे। ये बात खुद बेटे कृषाभ ने कबूली है। बताया कि शनिवार और सोमवार को भी वे घर में दाखिल हुए थे। हर बार पापा को ही पूछ रहे थे। साफ है कि, वह भौगोलिक परिवेश से भी भली भांति वाकिफ रहे होंगे।
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