फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहाड़ों में मशहूर है पथरी की गुड़ भेल्ली

विज्ञापन
पथरी क्षेत्र में गन्ना कोल्हू में बनाई गई गुड़ की भेलियां। - फोटो : HARIDWAR
विज्ञापन
हरिद्वार जिले में कोल्हुओं पर तैयार होने वाली गुड़ की भेल्लियां और गिंदोड़े की प्रदेश के साथ ही अन्य प्रदेशों में एक अलग ही पहचान है। दावा किया जाता है कि उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सबसे ज्यादा पसंद की जानी वाली गुड़ की भेल्ली केवल पथरी क्षेत्र के कोल्हुओं पर ही तैयार की जाती है। ऋषिकेश और विकास की मंडियों से भी इसकी बहुत मांग है।
विज्ञापन

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गुड़ के कोल्हू चलते हैं। यहां अलग अलग तरह से गुड़ तैयार किया जाता है। अगस्त के अंतिम सप्ताह से क्षेत्र में कोल्हुओं का संचालन शुरू हो गया था। इन कोल्हुओं पर तैयार होने वाली शक्कर और गुड़ के गिंदोड़े और भेल्ली की मांग उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में सबसे ज्यादा होती है। इन कोल्हुओं पर दूसरे प्रदेशों की डिमांड का गुड़ के गिंदोड़े तैयार करते हैं। हालांकि पहाड़ी जिलों में शक्कर और गिंदोड़े को पसंद नहीं किया जाता। यहां लोग भेल्ली लेना ही पसंद करते हैं। जिले में केवल पथरी क्षेत्र के कोल्हु मालिक ही भेल्ली तैयार करते हैं। कोल्हू मालिक अय्यूब, यूनुस, रमजानी, जहांगीर अली, जाफिर अली, शफात, सुलेमान, जाहिद, महेंद्र, अनिल, रमेश आदि का कहना है कि वह लोग सितंबर से जून तक केवल भेल्ली ही बनाते हैं। इसके दाम भी ठीक मिल जाते हैं। इसकी डिमांड पहाड़ी इलाकों में ज्यादा रहती है।
कोल्हू मालिकों की बल्ले बल्ले, किसानों को नुकसान
इन दिनों कोल्हू मालिकों को गन्ना ढाई सौ रुपये कुंतल मिल जा रहा है। अभी चीनी मिलें बंद हैं और किसानों को खेत खाली करने हैं। गन्ने के खेत खाली करके गेहूं की बुआई करनी है। ऐसे में किसान सस्ते दामों में ही गन्ना बेचने को मजबूर हैं। जब तक चीनी मिलें नहीं चलती कोल्हू मालिक सस्ते में ही गन्ना खरीदते रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें