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मैनेजर को हटाकर बैठाई जांच

Fri, 03 Mar 2017 09:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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मुख्य सचिव के आदेश का अनुपालन कराने में प्रशासन को पूरे दो महीने लग गए। जिलाधिकारी ने आखिरकार पिरान कलियर दरगाह मैनेजर को हटाते हुए जांच बैठा दी। भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए पिरान कलियर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी शाहिद अली को जांच अधिकारी बनाया गया है।  
     
लक्सर तहसील के उर्दू क्लर्क आरिफ रशीद को पिछले साल पिरान कलियर दरगाह मैनेजर का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। शासन में मैनेजर के खिलाफ लगातार शिकायतें जा रही थी। वहीं वक्फ बोर्ड ने दरगाह के लेनदेन का ऑडिट कराने के निर्देश मैनेजर को दिए थे, लेकिन मैनेजर ने ऑडिट ही नहीं कराया। जिस पर वक्फ बोर्ड के सीईओ की संस्तुति पर प्रमुख सचिव ने वित्तीय अनियमितता सहित कई आरोपों का संज्ञान लेते हुए मैनेजर आरिफ रशीद को हटाने के आदेश जारी किए थे। तीन जनवरी को इस बाबत जिलाधिकारी हरिद्वार को पत्र भेजा गया था। जिसमें मैनेजर आरिफ रशीद को उनके मूल पद पर भेजते हुए तत्काल प्रभाव से जांच बैठाने के निर्देश भी दिए गए थे। पूरे मामले में रिपोर्ट भी प्रशासन से मांगी गई थी। जनवरी के बाद फरवरी का भी पूरा माह गुजर गया। शुरूआत में अधिकारी चुनावी व्यस्तता का हवाला देते रहे।       
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मतदान के एक पखवाड़े बाद भी प्रशासन ने जांच बैठाना तो दूर मैनेजर को मूल पद पर भेजने की जहमत नहीं उठाई। आखिरकार बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने आरिफ रशीद को कार्यमुक्त कर दिया। उन पर लगे आरोपों की जांच कलियर नगर पंचायत के ईओ शाहिद अली को सौंपी गई है।       

आदेश ही नहीं रिमाइंडर लेटर पर दबाया      
मुख्य सचिव का आदेश दो महीने तक जिलाधिकारी कार्यालय में फाइलों के ढेर तले दबा रहा। बाबुओं की कारगुजारी यहीं तक नहीं थमी, 25 फरवरी को उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की ओर से भेजा गया रिमाइंडर लेटर भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जिसमें दो महीने पुराने आदेश याद दिलाते हुए यह कहा गया है कि मुख्य सचिव के आदेश के बावजूद दरगाह कार्यालय न छोड़ना मैनेजर की सत्यनिष्ठा को संदिग्ध बनाता है। लापरवाही उजागर हुई तो मुख्य सचिव के आदेश की फाइल निकलकर बाहर आई। डीएम ने तत्काल कार्रवाई कर दी। आश्चर्य की बात यह है कि अभी तक रिमाइंडर लेटर का कुछ अता पता नहीं है।      
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मुख्य सचिव के आदेश के अनुपालन में कलियर दरगाह मैनेजर को कार्यमुक्त कर दिया गया है। उन पर लगे आरोपों की जांच कलियर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को सौंपी गई है।
-एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी हरिद्वार
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