कनखल कोतवाली क्षेत्र में फ्लैट निर्माण के नाम पर सवा दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट मालिक ने पहले साझेदारी के नाम पर फ्लैट बनवाए, लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद तय हिस्से की रजिस्ट्री करने से मुकर गया। विरोध पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर करनाल के कारोबारी की शिकायत पर बिल्डर और उसके बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, रमनीक गर्ग निवासी सेक्टर-33, करनाल हरियाणा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह सेनेट्रीवेयर और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन मटेरियल का कारोबार करते हैं। वर्ष 2023 की शुरुआत में उनकी मुलाकात नीरज शर्मा और उनके पुत्र सचिन शर्मा से दिलीप यादव निवासी दिल्ली के माध्यम से हुई। दोनों ने जगजीतपुर स्थित अपने प्लॉट पर फ्लैट निर्माण का प्रस्ताव देते हुए अच्छे मुनाफे का भरोसा दिलाया। 25 मई 2023 को दुर्गा विहार कॉलोनी, जगजीतपुर स्थित भूमि पर फ्लैट निर्माण के लिए दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ। समझौते के गवाह दिलीप यादव और प्रशांत सिंह निवासी दिल्ली थे। एग्रीमेंट के तहत निर्माण का पूरा खर्च रमनीक गर्ग को उठाना था, जबकि निर्माण पूरा होने पर आधे फ्लैट, पार्किंग और 1450 वर्गफीट भूमि का स्वामित्व उन्हें दिया जाना तय हुआ था।
रमनीक गर्ग का आरोप है कि निर्माण शुरू होने के बाद पता चला कि प्लॉट के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज पूरे नहीं हैं। भूमि का नामांतरण भी नहीं हुआ था। उन्होंने काम रोक दिया। बाद में 24 अक्तूबर 2024 को हुई बैठक में उन लोगों ने सभी औपचारिकताएं पूरी होने का भरोसा देकर दोबारा निर्माण शुरू कराया। तय शर्तों के अनुसार फ्लैटों का निर्माण कराया, जिसमें करीब सवा दो करोड़ खर्च हुए। इसके बावजूद जब रजिस्ट्री कराने की बात आई तो टालमटोल शुरू कर दी। 25 अप्रैल 2025 को केवल चार फ्लैटों की रजिस्ट्री की गई, जबकि बाकी फ्लैटों की रजिस्ट्री लिफ्ट ठीक होने का बहाना बनाकर टाल दी। आरोप है कि बाद में जब वह प्रशांत सिंह के साथ दोबारा मिले तो नीरज शर्मा और सचिन शर्मा ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि नीरज शर्मा की पत्नी ने झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।