संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकी अलीनूर की पत्नी को 20 दिन बाद पुलिस और एलआईयू की टीम ने दादूपुर गोविंदपुर से गिरफ्तार किया है। लेकिन क्या पिछले 20 दिन से खुफिया एजेंसी और पुलिस इस बात से बेखबर थी कि आतंकी की पत्नी बच्चों सहित हरिद्वार में ही बिना पासपोर्ट और वीजा के रह रही है। छह महीने असम में किराये पर रहने के बाद अलीनूर परिवार के साथ हरिद्वार में आ गया था। ऐसे में एलआईयू, सीआईयू और पुलिस की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया है कि पति अलीनूर उर्फ जावाद और बच्चों के साथ साल 2021 में बांग्लादेश से अवैध रुप से सीमा पार कर भारत में प्रवेश किया था। पश्चिम बंगाल के खुलना, कूच बिहार होते हुए असम पहुंचे थे। यहां लगभग छह महीने किराये के मकान में रहने के बाद हरिद्वार पहुंच गए। तब से अब तक ग्राम दादूपुर में किराये के मकान में रहते चले आ रहे थे।
सूत्रों की मानें तो 30 सितंबर की रात अलीनूर सहित चार लोगों को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने ज्वालापुर और दादूपुर गोविंदपुर से हिरासत में लिया था। जबकि 10 अक्तूबर को अलीनूर, मुदस्सिर, कामिल सहित आठ आतंकियों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। लेकिन इसके बावजूद उसकी पत्नी और बच्चों के बारे में खुफिया एजेंसी और पुलिस को कोई खबर ही नहीं थी। अगर जानकारी थी तो मामले को क्यों दबाये रखा?