हरिद्वार। रात के साढे़ दस बजे हैं। हरकी पैड़ी की ओर से एक भव्य कांवड़ आ रही है, पर उस कांवड़ को लेकर चल रही ट्रैक्टर ट्रॉली के आगे राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहा है। यह दृश्य प्रेमनगर आश्रम चौक के पास का है। पुलिस भी मौजूद है, पर सूर्यास्त के बाद लहरा रहे राष्ट्रीय ध्वज को लेकर किसी पुलिसकर्मी के माथे पर चिंता नहीं दिखाई देती। वे राष्ट्रध्वज के इस अपमान के गवाह बन रहे हैं, पर कांवड़ियों को रोकने-टोकने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।
राष्ट्रीय ध्वज को कांवड़ वाहन पर फहराने का नया ट्रेंड इस बार सामने आया है। खासकर जब से राष्ट्रीय ध्वज को ससम्मान फहराने की आम आदमी को आजादी मिली है, चाहे क्रिकेट मैच हो या कोई धार्मिक यात्रा। हर जगह इसे लहराया जाने लगा है। अब तो कांवड़ यात्रा पर भी इसका रंग साफ दिखाई दे रहा है। डीजे की धुन पर कांवड़िये थिरक तो रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि राष्ट्रीय ध्वज के फहराने के भी कोई नियम-कायदे हैं। हाईवे पर चप्पे चप्पे पर पुलिस ने मोर्चा संभाला हुआ है। वह भी राष्ट्रीय ध्वज का इस तरह अपमान होते देख रही है। कोई भी कांवड़ियों को रोकने का साहस नहीं कर पा रहा है, क्योंकि कानून व्यवस्था मुद्दा बन सकती है।
कोट...
यदि कावड़ यात्रा में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हो रहा है तो मैं संज्ञान लूंगा। कांवड़ियों को समझाया जाएगा कि वे राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें। नियमानुसार फहराएं।
-राजीव स्वरूप, एसएसपी