हरिद्वार। जिला योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभिन्न योजनाओं के लिए स्वीकृत शेष धनराशि को 28 फरवरी तक अनिवार्य रूप से व्यय करने के निर्देश जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को दिए हैं। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने विभागवार व्यय धनराशि और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला योजना के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए जो धनराशि स्वीकृत की गई है या जिन विभागों ने अभी तक धनराशि का व्यय नहीं किया है, ऐसे विभाग योजनाओं को पूर्ण करते हुए धनराशि के व्यय का विवरण भी प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने निर्धारित समय सीमा में धनराशि व्यय नहीं होने पर उसे किसी अन्य विभाग को निर्गत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित अधिकारी का होगा। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सचेत किया कि जिन्होंने स्वीकृत धनराशि व्यय नहीं की है या जो कार्य प्राथमिकता में पूर्ण करने हैं, उस पर पूरा ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने व्यय की गई धनराशि का प्रमाण पत्र अर्थ संख्या अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश भी सभी विभागों को दिए हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला अर्थ संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरुंग, परियोजना निदेशक उरेडा वाई एस बिष्ट समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।