ससुराल के बाहर धरने पर बैठी विवाहिता की तहरीर पर पुलिस ने आखिरकार पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ भ्रूण हत्या और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विवाहिता और उसके मायके वालों का धरना जारी है। बुधवार को संत समाज समेत कई लोगो ने धरने का समर्थन दिया।
कनखल की ज्ञानलोक कालोनी में विवाहिता पूजा शर्मा हफ्ते भर से अपने ससुराल के बाहर धरने पर बैठी है। विवाहिता का आरोप है कि वर्ष 2010 में पहली बेटी अनंता के पैदा होने के बाद से ही उसके ससुराल वाले अत्याचार करते आ रहे हैं। इसके बाद जब भी वह गर्भवती हुई हर बार कुछ न कुछ बहाना बनाकर गर्भपात करा दिया गया। 14 महीनों से विवाहिता को उसके पति शरद शर्मा से मिलने नहीं दिया जा रहा है। पिछले दिनों विवाहिता और उसकी बेटी को घर से बाहर निकाल दिया गया। तबसे विवाहिता पूजा अपने ससुराल के बाहर धरने पर बैठी है। कनखल के संत समाज सहित तमाम सामाजिक संगठनों के विवाहिता के समर्थन में आने और मीडिया की सुर्खियों से मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने आखिरकार विवाहिता की तहरीर पर पति शरद शर्मा, ससुर चंद्रप्रकाश शर्मा, सास मंजू शर्मा, ननद मनीषा शर्मा के खिलाफ भ्रूण हत्या व दहेज एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं विवाहिता का धरना बुधवार को भी जारी रहा। आगरा से पहुंचे विवाहिता के मायके वालों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें सुरक्षा देकर घर से बाहर जाने में मदद की।
बुधवार को सामाजिक सेना के अध्यक्ष विनोद महाराज, माईवाड़ा की अध्यक्ष साध्वी चंद्रकांता, सामाजिक कार्यकर्ता जेपी बड़ोनी, गोपाल कृष्ण बड़ोला, ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक, दुर्गा वाहिनी से रश्मि, ज्योति पाठक आदि ने धरना स्थल पर पहुंचकर धरने का समर्थन दिया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
गर्भपात का लिया क्लेम, अब बेटी को खतरा
धरने पर बैठी विवाहिता ने आरोप लगाया कि उसके पति ने पहले गर्भपात देहरादून और दूसरा नोएडा में कराया था। गर्भपात का कारण हादसा बताकर अपनी कंपनी से इसका क्लेम भी लिया था। विवाहिता ने ससुरालियों से अपनी बेटी की जान को भी खतरा जताया। विवाहिता ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ- साथ पुलिस से अपनी बेटी को सुरक्षा देने की भी मांग की।
विवाहिता बोली, एक कमरे की जगह दिलाएं
विवाहिता का कहना है कि पुलिस ससुराल वालों को पीछे के रास्ते से निकाल चुकी है। ससुराल के मकान में उसका भी हक है। इसलिए घर में एक कमरा, किचन और टायलेट उन्हें दिलाया जाए। विवाहिता के पिता शिवराज शर्मा, मां संध्या शर्मा ने बताया कि बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए वह आगरा से यहां पहुंचे हैं। विवाहिता के भाई आशीष शर्मा व भाभी वंदना शर्मा ने भी उनकी बहन को ससुराल में जगह दिलाने की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता पं. अधीर कौशिक ने इस बाबत सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह से वार्ता भी की।
सिस्टम ने पार की संवेदनहीनता की हद
एक विवाहिता अपनी बच्ची के साथ एक हफ्ते से ससुराल के बाहर धरने पर बैठी है। विवाहिता को संत समाज और सामाजिक संगठनों का समर्थन व सहयोग भी मिल रहा है, लेकिन किसी भी अधिकारी और अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर विवाहिता की पीड़ा जानने की जहमत नहीं उठाई। तहसीलदार सहित पुलिस प्रशासन धरना स्थल पर पहुंचे भी तो ससुरालियों को सुरक्षित निकालने के लिए। विवाहिता की समस्या पर उन्होंने भी गौर नहीं किया। धरने पर बैठी विवाहिता की मां संध्या शर्मा रोते हुए कहती हैं कि मेरी बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए।