रोडवेज बस अड्डे पर एक छात्रा के कथित तौर पर घर से फरार होने की सूचना पर हंगामा खड़ा हो गया। हिंदूवादी नेता की सूचना पर पुलिस ने छात्रा और उसके साथ बस में बैठे देहरादून निवासी युवक को हिरासत में ले लिया। मायापुर पुलिस चौकी में पूछताछ के दौरान छात्रा बार बार बयान बदलकर पुलिस को छकाती रही। बाद में छात्रा को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
ज्वालापुर के एक मोहल्ला निवासी 12वीं की छात्रा शुक्रवार को ट्यूशन जाने के लिए कहकर शास्त्रीनगर के लिए निकली थी। उसे हरिद्वार रोडवेज बस अड्डे पर एक युवक के साथ बस में सवार होता देख दुकानदार ने विहिप नेता चरणजीत पाहवा को सूचना दी। पाहवा ने बस अड्डे पहुुंचकर दोनों को बस से नीचे उतार लिया और पुलिस को बुलाया। दोनों को मायापुर पुलिस चौकी लाकर पूछताछ की गई। छात्रा रोडवेज बस अड्डे पर क्यों पहुंची, युवक के साथ कहां और क्यों जा रही थी, ऐसे तमाम सवाल पूछने पर छात्रा बार बार बदलकर जवाब देती रही।
पाहवा का कहना था कि उन्हें प्रेम प्रसंग के चलते छात्रा के दूसरे समुदाय के युवक के साथ फरार होने की सूचना मिली है। छात्रा का नाम पता पूछकर पुलिस ने उसके परिजनों को भी बुलवा लिया। नगर कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार जोशी ने भी पुलिस चौकी पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी जुटाई। जिसके बाद छात्रा को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार जोशी ने बताया कि छात्रा को परिजनों के साथ भेज दिया गया है। देहरादून विकासनगर क्षेत्र निवासी युवक से पूछताछ की जा रही है, उसके परिजनों को भी बुलवाया गया है।
प्रेम प्रसंग का लग रहा मामला
पुलिस की पूछताछ में छात्रा अपने बयान बदलती रही, पर मामला सोशल साइड पर प्यार होने का नजर आया। पड़ताल के बाद पुलिस का मानना है कि छात्रा की विकासनगर क्षेत्र में नौकरी करने वाले नरेंद्र नामक युवक से सोशल साइड पर बातचीत होती थी। यह माना जा रहा है कि नरेंद्र ने ही छात्रा को दून लाने के लिए अपने मित्र को हरिद्वार भेजा है। हालांकि युवक इससे इनकार करता रहा। छात्रा कई बार युवक को पहचानने से भी इनकार किया। वहीं एक बार उसका नाम भी बता डाला। इससे पुलिस का शक और पुख्ता हो गया।
मिठाई का डिब्बा लेकर खड़ा था युवक
दुकानदारों के मुताबिक युवक काफी देर से छात्रा का इंतजार कर रहा था। उसके हाथ में मिठाई का डिब्बा था। माना जा रहा है कि छात्रा युवक को कैसे पहचाने, इसके लिए उसके हाथ में मिठाई का डिब्बा दिया गया था।