हरिद्वार। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि जब तक देश के युवा चारित्रिक रूप से समृद्घ नहीं होंगे, जब तक देश समृद्घ नहीं हो सकता। उन्होंने युवाओं से अर्थ वित्त और रोजगार की तलाश में भटकने के बजाय चरित्र और नैतिकता पर बल देने का आह्वान किया।
जगद्गुरु शंकराचार्य मंगलवार को गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में छात्र कल्याण परिषद की ओर से आयोजित युवा महोत्सव के मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस देश को युवा देश कहते हुए नहीं थकते, उसी देश में राष्ट्र को गाली देने वाला युवक कन्हैया और भारत माता को डायन कहने वाला आजम खान भी रहता है। यहीं वे युवक भी रहते है जिन्होंने हरियाणा में 35 हजार करोड़ की संपत्ति को नष्ट कर दिया। जगद्गुरु ने कहा कि यदि ऐसी ही राजनीति देश में चलनी है तो देश को गर्त में जाने से कोई नहीं रोक सकता। दुख का विषय है कि देश के युवा हर्षद मेहता, कनी मोझी और ए राजा जैसे लोगों को अपना आदर्श मानने लगे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के चरित्र और नैतिकता विकास पर बल देने की जरूरत है। युवाओं ने इस देश में राष्ट्र रक्षा के लिए बलिदानों की परंपरा शुरू की थी। आज के युवाओं को राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा के लिए ऐसे ही संघर्ष करना चाहिए, जिसका मार्ग राष्ट्र के नायक युवाओं ने दिखाया था।