रोशनाबाद। उपभोक्ता फोरम ने ऊर्जा निगम की तरफ से उपभोक्ता को भेजा गया एक लाख 83 हजार छह सौ रुपये का बिल निरस्त कर दिया और उपभोक्ता का विद्युत संयोजन जोड़ने के साथ ही पांच हजार रूपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए।
राजागार्डन कनखल निवासी सुशीला कुमारी पुत्री सत्यनारायण ने अपने अधिवक्ता अनुज शर्मा के की ओर से अधिशासी अभियंता उत्तराखंड पावर कारपोरेशन विद्युत वितरण खंड उपसंस्थान कनखल के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया कि उसने वर्ष 2012 में विद्युत कनेक्शन लिया था। जिसका पहला बिल एक हजार चार सौ 68 रुपये का जमा किया था। उसके बाद विभाग द्वारा उसे 12 मई 2014 को आठ हजार सात सौ 25 रुपये का बिल भेजा गया जो उसने चैक द्वारा विभाग में जमा किया था परंतु उसके बाद विभाग द्वारा कोई बिल शिकायतकर्ता को नहीं दिया गया। जिस पर शिकायतकर्ता ने 8 मई 2014 विभाग से उसका बिल भेजने की मांग की तो विभाग ने उसे 13 मई 2014 से 11 अप्रैल 2015 का एक लाख 19 हजार छह सौ 54 रुपये का विलंब शुल्क के साथ एक लाख 83 हजार छह सौ रुपये का बिल शिकायतकर्ता को भेजा। इतनी बड़ी रकम का बिल देख कर शिकायतकर्ता ने बिल को संशोधित कर मीटर रिडिंग के हिसाब से बिल भेजने की मांग की। ऊर्जा विभाग द्वारा कोई सुनवाई नही की और उसका विद्युत कनेक्शन काट दिया। शिकायतकर्ता की कोई बात मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने अधिवक्ता के द्वारा उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर फोरम के अध्यक्ष गिरीश मोहन मित्तल व सदस्य प्रदीप पालीवाल ने अधिशासी अभियंता उत्तराखंड पावर कारपोरेशन विद्युत वितरण खंड उपसंस्थान कनखल द्वारा उपभोक्ता को जारी किया गया एक लाख 83 हजार 600 रुपये का बिल निरस्त कर उपभोक्ता का विद्युत संयोजन जोड़ने के साथ ही पांच हजार रूपये शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए।