इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से 16 नवंबर से प्रस्तावित देशव्यापी सत्याग्रह स्थगित कर दिया गया है। यह जानकारी आईएमए रुड़की शाखा के अध्यक्ष डा. सुरेंद्र कौशिक और सचिव डा. विकास त्यागी ने दी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के साथ आईएमए प्रतिनिधियों की हुई बैठक में छह सप्ताह में सकारात्मक निर्णय होने के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया है।
बैठक में मंथन के बाद आठ सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें अतिरिक्त सचिव स्वास्थ्य, संयुक्त सचिव कानून, संयुक्त सचिव गृह, संयुक्त सचिव उपभोक्ता के अतिरिक्त आईएमए के तीन सदस्यों और मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के एक सदस्य को शामिल किया गया है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सरकार के इस कदम को चिकित्सकों की जीत बताया है। मालूम हो कि इससे पहले करीब 50 हजार चिकित्सकों ने विभिन्न मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाकर आंदोलन की तैयारी की थी। इसके तहत 16 नवंबर को चिकित्सकीय सेवा से अलग रहने का निर्णय लिया गया था।
चिकित्सकों की मांगों में पीसी पीएनडीटी एवं क्लीनिकल एस्टेबिलिशमेंट एक्ट में संशोधन, क्षतिपूर्ति की अधिकतम सीमा का निर्धारण, झोला छाप डाक्टरों पर रोक लगाना और स्वास्थ्य का बजट बढ़ाने की मांग शामिल थी।