बंद गंगनहर से हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए न तो प्रशासन चेता और न ही पुलिस ने कोई कदम उठाया। जिससे खनन होने का काम शुक्रवार को भी बदस्तूर जारी रहा। निकाले गए खनन से रायल्टी वसूलने के लिए भी प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। मरम्मतीकरण के लिए बंद की गई गंगनहर माफिया के लिए इन दिनों सोने का अंडा देने वाली मुर्गी जैसी बनी हुई है।
माफिया दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रालियों से अवैध खनन कर बेशकीमती रेत को निकालकर ठिकाने लगा रहे हैं। नारसन क्षेत्र के मोहम्मदपुर झाल के निकट और सकौती घाट पर बड़े पैमाने पर रेत निकालने का काम चल रहा है।
माफिया ने मंदिर परिसर एवं नहर के दोनों ओर घाटों पर खनिज सामग्री के बड़े-बड़े ढेर लगा रखे हैं। स्थानीय प्रशासन ने शुक्रवार को अवैध खनन पर रोक लगाने का दावा किया था, लेकिन शुक्रवार को अवैध खनन पर रोक लगनी तो दूर किसी पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी ने खनन क्षेत्र में जाकर झांका तक नहीं। न ही प्रशासन ने निकाले गए रेत से राजस्व वसूलने के लिए कोई योजना बनाई। जिससे बेखौफ माफिया गंगनहर से रेत निकालता रहा, जबकि प्रशासन कम से कम माफिया की ओर से निकाले गए रेत की रायल्टी वसूलकर सरकारी खजाना भर सकता है।