मातृसदन ने वन विकास निगम के खनन में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। वैध खनन बताकर अवैध खनन की शिकायतों पर स्वामी शिवानंद, ब्रह्मचारी दयानंद आदि ने शनिवार को श्यामपुर, कांगड़ी, चिडिय़ापुर आदि क्षेत्रों का दौरा किया। आरोप लगाया कि एक ही रायल्टी पर दिन भर खनन सामग्री ढोई जा रही है और खनन मजदूर की स्थिति बदतर है। जंगल से लकड़ी लाकर खाना बनाने वाले मजदूर गंगा में शौच कर मर्यादा तार-तार कर रहे हैं।
मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद महाराज ने बताया कि सरकार ने वन विकास निगम का खनन खोलकर सीपीसीबी के आदेशों का उल्लंघन तो किया ही है साथ ही हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना भी की है। वैध खनन बताकर लगातार अवैध खनन किया जा रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों पर शनिवार शाम करीब चार बजे स्वामी शिवानंद महाराज उनके शिष्य श्यामपुर क्षेत्र पहुंचे। यहां खनन सामग्री ले जा रहे वाहनों की जांच पड़ताल, खनन मजदूरों व वन विकास निगम के अधिकारी कर्मचारियों से भी स्वामी शिवानंद ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि खनन में कागजी मानक भी पूरे नहीं किए गए हैं। एक ट्रैक्टर ट्राली का गंगा में जाने का समय सुबह लगभग सात बजे और वापसी का समय शाम चार बजकर कुछ मिनट दिखाया गया है। इससे साफ पता चलता है कि ट्रैक्टर ट्राली दिन भर इसी रायल्टी पर खनन सामग्री ढोता रहा।
स्वामी शिवानंद ने कहा कि खनन से रोजगार मिलने का हवाला दिया जाता है, लेकिन गंगा में खनन कराने के लिए लाए गए मजदूरों के रहने, खाने, पीने और शौच आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। मजदूर जंगल से लकड़ी लाकर खुले में खाना बनाते हैं और गंगा में शौच करते हैं।
पुलिस ने छोड़ी अवैध खनन की ट्रालियां
स्वामी शिवानंद ने पुलिस पर अवैध खनन सामग्री से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां छोड़ने का आरोप भी लगाया। मातृसदन में पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद ने कहा कि उन्हें श्यामपुर के बाहरपीली में सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों और क्रशरों के डंपरों में खनन सामग्री ढोने की सूचना मिली। इसकी जानकारी आला अधिकारियों को देने पर श्यामपुर पुलिस मौके पर पहुंचे। आरोप लगाया कि पुलिस ने सिर्फ नौ ट्रैक्टर ट्रालियां पकड़ी, बाकी वाहनों को छोड़ दिया गया। गैर जनपदों और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों से अवैध खनन कराने का आरोप भी स्वामी शिवानंद ने लगाया।
गेस्ट हाऊसों में शराब खोलने पर उठाए सवाल
गढ़वाल मंडल विकास निगम और वन विकास निगम के गेस्ट हाउसों में शराब परोसने को हरी दिखाने पर मातृसदन के स्वामी शिवानंद ने आपत्ति जताई। उन्होंने देवभूमि में देश दुनिया के कोने कोने से तीर्थयात्री आते हैं। गढ़वाल मंडल विकास निगम और वन विकास निगम के गेस्ट हाऊस के एक कमरे में तीर्थयात्री और दूसरे कमरे में पर्यटक ठहरा होगा और वही वेटर, उन्हीं बर्तनों में पर्यटक को शराब परोसेंगे और उन्हीं में तीर्थयात्रियों को खाना। ऐसे में भाजपा किस धर्म की बात करती है। स्वामी शिवानंद ने आरोप लगाया कि निगमानंद की हत्या कर चुकी सरकार ब्रह्म हत्या, मदिरापान को बढ़ावा देने जैसे सभी पाप कर रही है। गंगा को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने के हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के बारे में स्वामी शिवानंद ने कहा कि इस बारे में मातृसदन ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस केएस खेहर को चिट्ठी लिखी गई है।
अनशन सातवें दिन भी जारी
गंगा में खनन खोलने के खिलाफ मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास सचिव सहित आला अफसरों के निलंबन की मांग को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का तप अनशन शनिवार को सातवें दिन भी जारी रहा। शनिवार को भी कई संगठनों और संस्थाओं ने आंदोलन को समर्थन दिया।