हरिद्वार। नमामि गंगे परियोजना के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश के विकास के लिए केंद्र की तरफ से मदद दिलाने की मांग की तो उन्हें मंच से बड़ी नसीहत मिली। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने प्रदेश में भारी संपदा का जिक्र करते हुए कहा यदि उनका सही से उपयोग हो तो शायद किसी से कभी कुछ मांगने की जरूरत ही न पड़े।
ऋषिकुल मैदान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत भाषण दे रहे थे। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत में ही गंगा स्वच्छता के लिए शुरू हुई योजना पर तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि इससे पहले कभी इतना बड़ा समारोह और गंगा के लिए कार्य ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि गंगा के मायके वाले कभी गंगा को गंदा नहीं करते। उन्होंने कहा कि यहां पर डेढ़ दर्जन से अधिक एसटीपी लगाने का कार्य जारी है। खुले में शौच करने से रोकने के लिए निर्मल भारत के तहत काम जारी है। हम सीमित संसाधनों से बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से हाईवे की बदतर स्थिति को सुधारने की मांग की और केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा से लंबित पड़ी परियोजना की फाइलों पर कार्य करने को कहा। सीएम हरीश रावत के भाषण से पहले उमा भारती और महेश शर्मा बोल चुके थे। सीएम के बाद जब केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने अपना भाषण शुरू किया तो नमामि गंगे योजना के लिए उमा भारती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत को नसीहत देनी शुरू कर दी। उन्होंने कहा लगातार मांगते रहने से विकास नहीं होता, बल्कि विजन बनाकर चलने से विकास होता है। उन्होंने महाराष्ट्र में चल रही ऐसी योजनाओं के बारे में गिनाया जो कि बिना किसी योगदान के चल रही हैं। उन्होंने प्रदूषित पानी से मिथेन, कार्बन-डार्ड-आक्साइड निकालकर अन्य प्रयोगों में लेने, सीएनजी से बसें, ऑटो चलाने, बिजली बनाने की बात कही। कटे बालों से एमिनो एसिड बनाकर बेचने से रोजगार मिला। नितिन गड़करी ने कहा कि शहरों से एकत्रित होने वाले बाल इतने कम पड़ गए कि पहले गांवों से एकत्रित किए बाद में तिरुपति से ट्रक मंगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी से पानी मंगाकर देश में बेचा जा रहा है। लेकिन अपने प्रदेश में गंगोत्री से भी पैकिंग कर जल बेचा जा सकता है। कहा कि सिर्फ मार्केटिंग कराने की जरूरत है। यदि विजन हो तो कचरा भी बेचा जा सकता है। उन्होंने सीएम का नाम लिए बिना कहा कि रोजगार पैदा कीजिए। सभी कार्य व्यवस्थित हो जाएंगे। करीब 18 मिनट के संबोधन के दौरान नितिन गड़करी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत की तरफ कई बार मुस्कराते हुए देखा।