हरिद्वार। अपने लाडले को कानून के शिकंजे से सकुशल निकालने की खातिर एक महिला ने पति पत्नी के रिश्ते को कलंकित करते हुए अपने पति को जीते जी ही मरा बता दिया। पुलिस नम्रता से पेश आए और उसके बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न हो, इसलिए महिला ने ऐसा किया। वह अपने मकसद में कामयाब भी रही, पर जल्द ही पुलिस के सामने हकीकत आ गई। गुस्साए पुलिसकर्मियों ने फिर मां बेटे की जमकर क्लास ली और चेतावनी देकर छोड़ दिया। मामला ज्वालापुर के सुभाषनगर से जुड़ा है।
एक नाबालिग प्रेमी युगल एक माह पहले घर से बिना बताए चला गया था। किशोरी के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने युगल को ढूंढ निकाला। किशोरी के परिजन किशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पर अड़े थे, लेकिन किशोर की मां ने ऐसी चाल चली कि सब चित्त हो गए। तब किशोर की मां ने रोते सुबकते बोला कि बेटे की हरकत से शर्मसार उसके पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
यह बात सुनते ही पुलिस का दिल पसीज गया। इधर, किशोरी के परिजन भी खामोश हो गए। खैर, किशोरी के परिजन ने मुकदमे से हाथ पीछे खींच लिए। वे अपनी बेटी को साथ ले गए। इधर, किशोर को उसकी मां ले गई। किशोरी को उसके परिजनों ने नाना के घर लखनऊ भेज दिया, लेकिन हकीकत से पर्दा तब उठा, जब किशोरी के परिजन पुलिस के पास पहुंचे। जानकारी दी कि किशोर के पिता जिंदा है और वह सहारनपुर में ही है। उन्होंने बताया कि किशोर अब किशोरी से बात करने के लिए ननिहाल में लगातार फोन घनघना रहा है। हरकत में आई पुलिस ने मां बेटे को जब कोतवाली बुलाया, तब उनसे जवाब देते नहीं बना। पुलिस ने मां बेटे को कई घंटों तक थाने में ही बैठाकर रखा। मां बेटा भविष्य में इस तरह की भूल न होने की बात कर गिडगिड़ाते रहे। आखिर में पुलिस ने चेतावनी देकर दोनों को छोड़ दिया। एसएसआई कमल मोहन सिंह भंडारी ने बताया कि मां ने ही पति को मृत बताया था। आज उसने अपना झूठ कबूल कर लिया है।