लालढांग क्षेत्र में भगवान गणेश को विसर्जन के दौरान शोभायात्रा निकालते श्रद्धालु ।
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मूर्ति स्थापना के 11 दिन बाद बृहस्पतिवार को गणपति मूर्ति को विसर्जित किया गया। अनंत चतुर्दशी के दिन पंचपुरी में चारों ओर गणपति बप्पा की शोभायात्रा की धूम रही। शोभायात्रा में श्रद्घालुओं ने जमकर रंग-गुलाल भी उड़ाए।
पंडालों के साथ-साथ घरों में विराजमान गणेश मूर्ति बृहस्पतिवार को गंगा तट पर पहुंचाई गई। देर रात तक हरकी पैड़ी, बिरला घाट, गणेश घाट, सिंहद्वार घाट, दुर्गा घाट और सीता घाट पर गणपति विसर्जित करने वालों की भीड़ पहुंचती रही। उपनगरी ज्वालापुर में दोपहर बाद सड़कों पर गणेश भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। हरिद्वार के सबसे पुराने गणपति यात्रा संघ की ओर से भव्य शोभायात्रा श्रवणनाथ मठ से निकाली गई। नगर के कई बाजारों से होते हुए यह शोभायात्रा देर शाम हरकी पैड़ी पहुंची। इसी प्रकार प्राचीन भाईजी के मंदिर से शोभायात्रा पंडित शिव प्रसाद रमन के संयोजन में निकाली गई।
ज्वालापुर के महाराष्ट्रियन सर्राफा बाजार से शोभायात्रा निकाली गई। कनखल में गणपति मूर्तियां दक्ष घाट और राज घाट पर विसर्जित की गईं। समीपवर्ती देहात क्षेत्र, भेल और सिडकुुल क्षेत्र से आईं मूर्तियों का भी विर्सजन हरिद्वार और ज्वालापुर में किया गया।
श्रद्घालुओं ने उड़ाए रंग-गुलाल
गणेश विसर्जन से पहले निकाली गई भव्य शोभायात्रा में श्रद्घालुओं ने जमकर रंग-गुलाल उड़ाए। बाजारों में हालत यह थी कि दुकानदारों को आधा शटर गिराना पड़ा। रंग-गुलाल गिरने से सड़क भी रंग बिरंगी नजर आने लगी। बैंडबाजे की धुन पर थिरकते हुए श्रद्घालुओं ने शहर के कई मार्गों से शोभायात्रा निकाली। इसी बीच जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और गणपति बप्पा के दर्शन भी किए।