अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के हिंदुत्व पर दिए गए बयान का हरिद्वार के संत जगत ने स्वागत किया है। संतों ने कहा है कि ओबामा ने हिंदुत्व की शक्ति को अच्छी तरह पहचान लिया है। यही वजह है कि वह अपनी जेब में हमेशा हनुमान की मूर्ति और हनुमान चालीसा रखते हैं। वह दिन दूर नहीं जब ओबामा की भविष्यवाणी सच होगी और कोई हिंदू अमेरिका का राष्ट्रपति बनेगा।
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी ने कहा कि अमेरिका और यूरोप के अनेक देशों में हिंदू बहुतायत में रहते हैं। कई देशों में हिंदू गर्वनर और न्यायाधीश के पदों पर रहे हैं। आस्ट्रेलिया हो या रूस सभी देश जानते हैं कि हिंदु एक शांत व्यक्ति है और बेहद शांति के साथ जीवन यापन करता है। उसकी पूजा पद्धति किसी के लिए जरूरी नहीं। उन्होंने कहा कि ओबामा की भविष्यवाणी निश्चित रूप से सच होगी।
अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदास ने कहा कि हिंदू को मात्र धर्म के आधार पर नहीं देखा जा सकता। उसका मूल्यांकन करने के लिए सनातन आस्थाओं का चिंतन जरूरी है। हमें फक्र है कि जर्मनी आदि देशों में हिंदुओं के ग्रंथों का अपनी प्राचीन भाषाओं में प्रकाशन किया गया है। भारतीय योग सारी दुनिया को आकर्षित कर रहा है। हिंदू चिंतन, हिंदू दर्शन और हिंदू आध्यात्म मानवता का संदेश देता आया है। ओबामा ने हिंदू धर्म की विशेषताओं को भांपकर ही उसे अपने देश के शीर्ष पद पर बैठाने की मंशा जाहिर की है।
वैष्णव मंडल के अध्यक्ष महामंडलेश्वर भगवानदास ने कहा कि हिंदुत्व का अर्थ धर्म से नहीं, एक समूची जीवन पद्धति से लेना चाहिए। सुदर्शन अखाड़े के परमाध्यक्ष श्रीमहंत रघुवीर दास ने कहा कि हिंदुत्व तो समूचा विज्ञान है। उन्होंने कहा कि जो संभावना ओबामा ने जताई है, वह ब्रिटेन के चिंतक पहले ही जता चुके हैं। लिहाजा ओबामा की भविष्यवाणी एक न एक दिन सच जरूर होगी। उनका कहना था कि हिंदुओं को अपना मूल्यांकन बार बार करते हुए अपने सहनशीलता के गुण को बरकरार रखना चाहिए।