अधिकारियों को नगर निगम क्षेत्र की धर्मशालाओं पर हाउस टैक्स निर्धारित करने के नियमों का पता नहीं है।
बुधवार को मुख्य सूचना आयुक्त की कोर्ट में द्वितीय अपील की सुनवाई में पेश हुए नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त रवींद्र कुमार दयाल व कर एवं राजस्व अधीक्षक रमेश रावत धर्मशालाओं पर टैक्स निर्धारित करने के नियम व प्रावधान के बारे में कुछ नहीं बता पाए। दोनों अधिकारियों ने सुनवाई में आयोग को बताया कि पहले से ही धर्मशालाओं से हाउस टैक्स लिया जा रहा है। अपीलार्थी रमेश चंद्र शर्मा की ओर से नगर निगम से यह जानकारी मांगी थी कि धर्मशालाओं से किस आधार पर हाउस टैक्स लिया जाता रहा है। इस बारे में ु नगर निगम के अधिकारी कोई जानकारी नहीं दे पाए।
मुख्य सूचना आयुक्त शत्रुघ्न सिंह ने नगर निगम के लोक सूचना अधिकारी को सूचना देने का एक सप्ताह का अंतिम अवसर दिया है। रमेश चंद्र शर्मा का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी जानबूझकर सूचना नहीं दे रहे हैं। जबकि तत्कालीन इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने धर्मशाला प्रबंधकों के साथ किराए के भाग पर हाउस टैक्स लगाने का समझौता कर टैक्स लेना शुरू किया था, किंतु अब अधिकारी इस सच्चाई को छिपा रहे हैं।