हरिद्वार।
खड़खड़ी से दूधाधारी चौक भूपतवाला तक हिल बाईपास विस्तार (एक्सटेंशन)
मार्ग पांच दिसंबर तक चालू हो जाएगा। करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से लोक
निर्माण विभाग (लोनिवि) की ओर से बनाए जा रहे इस डेढ़ किलोमीटर बाईपास
मार्ग की विशेषता यह है कि यह पार्क क्षेत्र और दो बरसाती नदियों (सूखरौ और
बागरौ) के अंदर बन रहा है। बरसाती नदियों के बहाव से सड़क को सुरक्षित
रखने के लिए 12 से 21 मीटर ऊंची दीवार का निर्माण किया गया है। इस दीवार के
ऊपर पुल और सड़क बनाई जा रही है।
मंगलवार को लोनिवि के मुख्य अभियंता
केके जैन ने अर्द्धकुंभ कार्यों का भौतिक निरीक्षण करने के बाद हिल बाईपास
विस्तार मार्ग को पांच दिसंबर तक चालू करने का दावा किया है। उन्होंने
बताया कि एक स्लैब डालने को रह गया है। उसे नवंबर के अंत तक पूरा कर दिया
जाएगा।
एप्रोच रोड 25 नवंबर तक बन जाएगी। मुख्य अभियंता ने ज्वालापुर
में लालपुल के पास बन रहे पुल को 15 जनवरी तक और शेष सभी कार्य मेलाधिकारी
की ओर से निर्धारित अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक कराने का भी दावा किया है।
उन्होंने ललतारौ पुल, श्रवणनाथ नगर में चिंतामणि के साथ तैयार किए जा रहे
कार्यों को भी देखा। अधीक्षण अभियंता राजेश चंद्र शर्मा एवं अधिशासी
अभियंता मुहम्मद युसुफ आदि अधीनस्थ मुख्य अभियंता के साथ मौजूद रहे।
वर्ष 2008 की योजना अब चढ़ रही सिरे
खड़खड़ी
से दूधाधारी चौक तक हिल बाईपास एक्सटेंशन की योजना वर्ष-2008 में
प्रस्तावित की गई थी। इसको महाकुंभ-2010 के लिए तैयार किया जाना था। तब इस
योजना की निर्माण लागत लगभग 20 करोड़ रुपये थी। लेकिन तत्कालीन सरकार व
मेला प्रशासन की हीलाहवाली के चलते योजना पर काम वर्ष 2010 में शुरू हो
पाया था। लगभग 18 करोड़ का कार्य वर्ष 2011 तक होने के बाद निर्माण लागत
बढ़ने पर काम बंद हो गया था। अब अर्द्धकुंभ योजना में फिर से डिजायन तैयार
कर 33 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया। मुख्यमंत्री की रुचि को देखते हुए
शासन ने योजना को पार लगाने की स्वीकृति प्रदान की है। इस प्रकार 20 करोड़
की योजना लगभग 52 करोड़ रुपये में पूरी हो रही है। हिल बाईपास का कार्य
करा रहे सहायक अभियंता एमएस बेड़वाल ने बताया कि हिल बाईपास विस्तार मार्ग
योजना की सड़क 31 दिसंबर तक पूरी तरह से ट्रैफिक चलाने के लिए खोलने का
प्रयास किया जा रहा है। यह काम अप्रैल में शुरू हुआ था।