शहर की सड़कों के बाद एआरटीओ दफ्तर रोशनाबाद में भी हेलमेट लागू कर दिया गया। दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट के गेट के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। मंगलवार को हेलमेट को लेकर लोगों की नोकझोंक होती रही।
शहर में यातायात का पालन कराने के लिए दो साल पहले सीपीयू (सिटी पेट्रोल यूनिट) की तैनाती की गई है। काली वर्दी का खौफ लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। इसका असर यह हुआ कि मुख्य मार्गों पर अधिकांश लोग खुद ही हेलमेट लगाकर चलने लगे हैं। शहर के अंदरूनी मार्गों पर लोग खुद ही हेलमेट लगाने की जरूरत नहीं समझते। छोटे मार्गों पर सीपीयू के चालान काटने पर अक्सर विरोध भी होता है। कुछ ऐसा ही नजारा मंगलवार को एआरटीओ दफ्तर रोशनाबाद में रहा। एआरटीओ मनीष तिवारी के निर्देश पर गेट पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई। दुपहिया वाहनों पर प्लेट लगवाने, रजिस्ट्रेशन कराने या लाइसेंस सहित अन्य कामों से दफ्तर आने वाले ऐसे लोगों को बाहर ही रोक दिया गया, जिनके सिर पर हेलमेट नहीं लगा था। कुछ लोग ऐसे भी रहे जो दूर से हेलमेट लगाकर रोशनाबाद पहुंचे और दफ्तर के नजदीक पहुंचने पर ही उन्होंने अपना हेलमेट उतार लिया।
कर्मचारी साथ में हेलमेट लाए ऐसे लोगों से भी हेलमेट सिर पर लगाकर गेट के अंदर दाखिल होने की जिद करने लगे। जिस पर खूब नोकझोंक हुई।
अधिवक्ता हुआ गर्म तो कर्मचारी पड़े नर्म
गेट पर कर्मचारी को बारी बारी से सबको रोक रहे थे। इसी बीच तहसील के एक अधिवक्ता भी किसी काम से एआरटीओ दफ्तर पहुंचे। हेलमेट अधिवक्ता के स्कूटर के हैंडल पर टंगा था। कर्मचारी हेलमेट लगाने पहनने के लिए बोले। अधिवक्ता का कहना था कि उन्होंने बाहर ही हेलमेट उतारा है, पर कर्मचारी जिद पर अड़ गए। अधिवक्ता ने अपना परिचय दिया तो एक कर्मचारी ने आई कार्ड दिखाने को कहा। इस पर अधिवक्ता का पारा चढ़ गया और उसने खरी खोटी सुनाते हुए अधिवक्ताओं को मौके पर बुलाने के लिए जेब से मोबाइल निकाला। अधिवक्ता के हंगामा करने पर कर्मचारी चुपचाप सरक गया।
अपने स्टाफ व दलालों को छूट
गेट पर जिस समय आम लोगों को हेलमेट के लिए रोका जाता रहा, उसी समय कुछ विभाग के कर्मचारी और व एजेंट बिना हेलमेट ही गेट से अंदर दाखिल होते रहे। उन्हें देखकर बाकी लोगों की नाराजगी और बढ़ गई।
दफ्तर चूंकि सड़क पर ही स्थित है, हेलमेट इसलिए जरूरी किया गया है ताकि लोग सड़क पर भी हेलमेट लगाएं। इसमें लोगों की खुद की ही भलाई है।
- मनीष तिवारी, एआरटीओ प्रशासन हरिद्वार