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गर्मी ने बढ़ाई पांच लाख यूनिट रोजाना बिजली की खपत

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गर्मी शुरू होते ही बिजली की खपत बढ़ गई है। हरिद्वार में मार्च की तुलना में अप्रैल में प्रतिदिन पांच लाख यूनिट बिजली की खपत बढ़ गई है। मई-जून की गर्मी के साथ खपत भी बढ़कर रोजाना आठ लाख यूनिट तक पहुंच जाएगी। अचानक लोड बढ़ने से लो वोल्टेज और ब्रेक डाउन की समस्या खड़ी होने लगी है। इससे निपटने के लिए ऊर्जा निगम ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने जा रहा है।
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ऊर्जा निगम के लक्सर, ज्वालापुर, हरिद्वार नगर, सिडकुल डिविजन में दो लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें डेढ़ लाख घरेलू और 50 हजार व्यावसायिक व औद्योगिक कनेक्शन हैं। अकेले हरिद्वार और ज्वालापुर डिविजन में एक लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 25 हजार व्यावसायिक और 75 हजार घरेलू कनेक्शन हैं। पांचों डिविजन में सामान्य दिनों में औसतन प्रतिदिन साढ़े छह लाख यूनिट (एमयू) बिजली की खपत होती है। यानी की मार्च माह में 195 एमयू की खपत हुई है। लेकिन अप्रैल में गर्मी शुरू होते ही खपत बढ़ने लगी है। रोजाना सात एमयू बिजली खर्च हो रही है। एक एमयू में दस लाख यूनिट होती है। इस लिहाज से प्रतिदिन पांच लाख यूनिट की खपत बढ़ गई है। अप्रैल माह में 210 एमयू बिजली खपत होने की संभावना है। जबकि मई-जून में खपत प्रतिदिन की आठ लाख यूनिट तक पहुंच जाएगी।
खपत बढ़ने से लो वोल्टेज और ब्रेक डाउन की समस्या खड़ी होने लगी है। लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर खराब होने लगे हैं। ग्रामीण इलाकों में घंटों की रोजाना कटौती हो रही है। औद्योगिक क्षेत्र में भी कटौती हो रही है। इससे हर व्यक्ति जूझ रहा है। वोल्टेज और ब्रेक डाउन की समस्या से निटपने के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। ऊर्जा निगम की टीमें अत्यधिक लोड वाले क्षेत्रों का सर्वे करेंगी। चिह्नित इलाकों में ट्रांसफार्मरों की क्षमता का सर्वे होगा और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। 22 अप्रैल से सर्वे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संवाद
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रिजर्व में 40 ट्राली ट्रांसफार्मर
लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर फुंकने पर आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रांसफार्मर रिजर्व में रखे जाते हैं। ऊर्जा निगम के चारों डिविजन में करीब 40 ट्रांसफार्मर रिजर्व में हैं। इनमें हरिद्वार और ज्वालापुर डिविजन में 20 ट्रांसफार्मर हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने की स्थिति में ट्रांसफार्मर बदले जाने तक ट्राली ट्रांसफार्मर से वैकल्पिक व्यवस्था से आपूर्ति सुचारु की जाती है।
इन इलाकों में लो वोल्टेज की बनी समस्या
हरिद्वार। शहरी और ज्वालापुर डिविजन में डेढ़ हजार छोटे-बड़े ट्रांसफार्मरों की मदद से बिजली की सप्लाई होती है। ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ने से उत्तरी हरिद्वार, कनखल के जगजीतपुर, जमालपुर कलां, ज्वालापुर क्षेत्र और ग्रामीण के कई इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या हो रही है।
विद्युत लाइन भूमिगत होने के बाद शहर डिविजन में फाल्ट और लो वोल्टेज की समस्या काफी कम हुई है। जहां भूमिगत विद्युत लाइनें नहीं हैं वहां ये समस्या ज्यादा रहती है। ट्रांसफार्मरों की क्षमता को लेकर टीम सर्वे करेगी। जहां जरूरत होगी वहां क्षमता बढ़ाने का काम कराया जाएगा।
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- अनूप कुमार, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम हरिद्वार
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