हरिद्वार। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की टीम ने हरकी पैड़ी सहित गंगा के कई घाटों का निरीक्षण किया। टीम में शामिल वैज्ञानिकों ने नगर निगम प्रशासन की तरफ से की गई सफाई व्यवस्था पर संतोष जताया। वैज्ञानिकों ने सफाई के साथ घाटों पर अन्य व्यवस्थाओं का भी बारीकी से जायजा लिया। यह निरीक्षण शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
बृहस्पतिवार को एनजीटी की टीम हरिद्वार पहुंची। टीम में शामिल वैज्ञानिक डा. पंकज भट्ट और डा. चंद्रभान दोपहर 12 बजे नगर निगम की एमएनए विप्रा त्रिवेदी और मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रवीण कुमार के साथ हाथी पुल से सुभाष घाट, नाई घाट, मालवीय घाट पहुंचे। यहां टीम ने साफ सफाई की व्यवस्थाओं को परखा। केंद्रीय टीम को केवल साफ सफाई वाले स्थानों का भ्रमण कराते हुए सीसीआर, रोडीबेलवाला में लेकर गई। इसके बाद टीम चंडीघाट पहुंची। जहां पहले शहर के कूड़े को डाला जाता था। वहां पर भी पौधरोपण हुआ मिला। यहां अभी भी काफी मात्रा में कूड़ा पड़ा मिला। वैज्ञानिकों ने इस कूड़े के निस्तारण के निर्देश दिए।
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कंपोस्ट प्लांट के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
- प्लांट के काम की गति पर जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। एनजीटी की केंद्रीय टीम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के तहत सराय में निर्माणाधीन कंपोस्ट प्लांट का निरीक्षण भी किया। टीम के सदस्यों ने कंपोस्ट प्लांट के कार्य की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों से नाराजगी जताई और प्लांट के निर्माण कार्य में तेजी लाकर समय पर कार्य करने के निर्देश दिए। केआरएल के अधिकारियों ने कहा कि बरसात में बुनियाद में पानी भरने से काम करने में दिक्कत आ रही है। टीम इस तर्क से सहमत नजर नहीं आई। टीम ने प्लाट नंबर चार का भी निरीक्षण किया।
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बुधवार से जुटा था नगर निगम
हरिद्वार। नगर निगम प्रशासन को एनजीटी का कितना खौफ है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साफ सफाई को लेकर बुधवार से ही जुट गए थे। नगर निगम ने गंगा घाटों की सफाई बुधवार से ही शुरू कर दी थी। बृहस्पतिवार सुबह भी सभी कर्मचारी सफाई में जुट गए थे। कहीं कूड़ा नजर न आए इसका ध्यान रखा जा रहा था। बृहस्पतिवार को गंगा के घाट चमकते नजर आए। इसके अलावा सराय के प्लाट नंबर चार में दो दिन पूर्व निरीक्षण कर केआरएल के सभी संसाधन झोंककर ग्राउंड को ठीक करने और दुर्गंध को समाप्त कराने के लिए बड़े स्तर पर मिट्टी से कूड़ा दबवाया। चूना और कीटनाशक दवाइयों को छिड़काव कराया गया।