हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर होने वाली गंगा की सभी आरतियां गंगा रक्षा के संकल्प से जोड़ी जा रही हैं। मुख्य आरती इससे जुड़ गई हैं। आरती कराने वाले व्यक्ति से गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प कराया जा रहा है। इसके अलावा तमाम मंदिरों पर भी गंगा रक्षा का दायित्व डाला गया है।
हरकी पैड़ी पर गंगा सभा ने तीन प्राचीन आरतियों की संख्या बढ़ाकर 11 कर दी हैं। इन आरतियों को धीरे धीरे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में चार स्थानों पर आरती की जा रही हैं। मुख्य आरती स्थल पर भगवा वेषधारी 11 विद्वान पंडित आरती प्रारंभ होने से पूर्व वैदिक मंत्रों से गंगा स्तुति करते हैं। पंडित जगन्नाथ द्वारा रचित गंगा लहरी के पाठ के बाद एकत्रित हजारों लोगों से दोनों हाथ ऊपर उठाकर गंगा रक्षा का संकल्प कराया जा रहा है। अब ऐसा ही सभी आरती स्थलों पर हुआ करेगा। गंगा सभा के महामंत्री पंडित रामकुमार मिश्रा के अनुसार देश में हरकी पैड़ी पर होने वाली आरती उतनी ही पुरानी है जितनी गंगा।
इस प्राचीन आरती को पूरी तरह से गंगा को समर्पित करने का संकल्प लिया गया है। इसी के साथ-साथ हरकी पैड़ी के तमाम मंदिरों पर भी यात्रियों को गंगा रक्षा की प्रेरणा दी जाएगी। प्रयत्न है कि अर्द्धकुंभ में यह कार्य पूरी तरह शुरू हो जाएगा। गौरतलब है कि इससे पूर्व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद भी हरिद्वार के पौराणिक मंदिरों में गंगा रक्षा का संकल्प प्रतिदिन कराने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है। माया देवी आदि मंदिरों में यह प्रयास प्रारंभ हो चुका है।