गुरु पूर्णिमा का पर्व हरिद्वार के आश्रमों, अखाड़ों, मठ और मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया। शिष्यों ने अपने-अपने गुरुओं की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने चरणपादुका मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति समर्पण एवं आस्था का पर्व है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने श्रीमहंत रविंद्रपुरी से आशीर्वाद लिया। सिद्धपीठ भूमा निकेतन में गुरुपूर्णिमा पर्व ‘आनंद घाट’ में धूमधाम से मनाया गया। भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ एवं भूमा परिवार के भक्तों ने स्वामी भूमानंद तीर्थ महाराज की मूर्ति का दिव्य पदार्थों से विधि पूर्वक पूजन-अर्चन किया। भूमापीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ ने भक्तगणों से कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से बचाव का आह्वान किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने आनंद घाट पहुंचकर आशीर्वाद लिया।
श्री पंच अग्नि अखाड़े के सचिव श्रीहंत साधनानंद के सानिध्य में भूपतवाला स्थित झालावाड़ गुजरात आश्रम में गुरु स्मृति पर्व सादगी के साथ मनाया गया। श्रीमहंत साधना नंद ने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा का आधार सांसारिक ज्ञान से शुरू होता है। परंतु इसका चरमोत्कर्ष आध्यात्मिक शाश्वत आनंद की प्राप्ति है।
श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में गुरु पूर्णिमा पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। अखाड़े में स्थित गुरुद्वारे में शबद कीर्तन कर विश्व कल्याण की कामना की गई। निर्मल अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने कहा कि अनादि काल से ही देश में गुरुओं का स्थान सबसे ऊंचा रहा है। गुरु ही परमात्मा का दूसरा स्वरूप हैं। गुरु ही अपने शिष्य को ज्ञान की प्रेरणा देकर उसके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करतो हैं।
भूपतवाला स्थित श्री थानाराम आश्रम में पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि गुरु से प्राप्त शिक्षाओं और ज्ञान को आचरण में उतारकर जीवन में आने वाली बड़ी बड़ी से चुनौतियों का आसानी से सामना किया जा सकता है। श्री साधु गरीबदासीय सेवा आश्रम में ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर डा. स्वामी श्यामसुंदर दास शास्त्री का स्मृति दिवस मनाया। युवा भारत साधु समाज के महामंत्री स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा अध्यात्मिक प्रज्ञा को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने का सोपान है।
भूपतवाला स्थित आश्रम में चेतन ज्योति आश्रम के अध्यक्ष स्वामी ऋषिश्वरानंद ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति की सफलता और उसके जीवन में सफल होने के लिए गुरु का होना आवश्यक है। गुरु ही एकमात्र वह व्यक्ति है, जो अपने शिष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश में इस दुनिया का परिचय करवाता है। भूपतवाला स्थित निराला धाम में राजमाता आशा भारती के सानिध्य में भगवान शिव की पूजा अर्चना कर लोककल्याण की कामना हुई।
कनखल स्थित आद्य शक्ति महाकाली मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर निंरजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में गुरु का सर्वोच्च स्थान है। रामेश्वर आश्रम में स्वामी रामेश्वर आनंद सरस्वती की अध्यक्षता में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया।
निर्धन निकेतन आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी ऋषि रामकृष्ण ने कहा है कि गुरु अपने शिष्य को सांसारिक और आध्यात्मिक ज्ञान देने के साथ-साथ हमेशा उसकी सुरक्षा एवं बुरे कर्मों से दूर रखने की कोशिश करते हैं। ब्रह्मा तम भवन आश्रम श्रीमहंत मनोज कुमार मनोजानंद ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए कहा गुरु महान सूर्य होता है, जो अपने भक्तों पर ज्ञान की वर्षा करता है।