जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी ने नाबालिग लड़की का अपहरण कर उससे दुराचार करने के मामले में लक्सर क्षेत्र के नस्तपुर निवासी शमशाद को दोषी ठहराते हुए सात साल के कारावास और नौ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जबकि उसके सगे भाई को साक्ष्य न मिलने पर दोषमुक्त कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार राणा ने बताया कि बालिका के पिता ने थाना मंगलौर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को शमशाद और उसका भाई दिलशाद 12 मार्च, 2012 को शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए हैं। पुलिस ने 14 अप्रैल 2012 को मामला दर्ज कर दोनों भाईयों को गिरफ्तार कर लिया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किये गए। दोनों पक्षों के साक्ष्य्रों औ दलीलों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शमशाद को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
अर्थदंड की धनराशि में से सात हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए । दूसरे भाई दिलशाद को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।