फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शासन ने विभागों से पूछा अब तक डीपीआर क्यों है लंबित

विज्ञापन
विज्ञापन
शासन ने जिले में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं को स्वीकृति न देने पर संबंधित विभागों से जवाब तलब किया। सभी विभागों को स्पष्टीकरण के साथ सभी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की सूची भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत जिले में 495 राजस्व ग्रामों के 244,899 परिवारों को पेयजल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 110,028 परिवारों को कनेक्शन देने का लक्ष्य है और अब तक केवल 9545 कनेक्श ही दिए जा सके हैं।
विज्ञापन

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अनुसचिव दीपक कुमार ने जल जीवन मिशन के तहत हरिद्वार में प्रस्तावित और संचालित पेयजल योजनाओं की समीक्षा की थी। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 110,028 एफएचटीसी (सुचारु घरेलू पेयजल कनेक्शन) देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन जब अनुसचिव ने योजनाओं का ब्योरा लिया तो वे हैरान रह गए। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष केवल 9545 पेयजल कनेक्शन दिए गए। अनुसचिव ने इसपर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों से योजना की धीमी कार्य प्रगति का कारण पूछा। अधिकारियों ने बताया योजनाओं की डीपीआर मुख्यालय भेजी गई है। लेकिन डीपीआर को स्वीकृति न मिलने के चलते योजनाओं पर समय पर काम शुरू नहीं हो पा रहा है। अब अनुसचिव की रिपोर्ट पर शासन ने प्रबंध निदेशक उत्तराखंड पेयजल निगम, मुख्य महाप्रबंधक, उत्तराखंड जलसंस्थान देहरादून, निदेशक स्वजल परियोजना, निदेशक जल जीवन मिशन और कार्यक्रम निदेशक राज्य परियोजना प्रबंधन ग्रुप से सभी लंबित डीपीआर की सूची और स्वीकृति में देरी पर स्पष्टीकरण मांगा है।
---------------
योजना में पिछड़ा रुड़की का ग्रामीण क्षेत्र
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अनुसचिव दीपक कुमार ने अमृत योजना (पीआईयू) के अधिशासी अभियंता से जल जीवन मिशन को लेकर रुड़की क्षेत्र की कार्य प्रगति की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता ने बताया कि उनके शाखा क्षेत्र के अधिकांश राजस्व ग्रामों में पेयजल योजना चालू हालत में नहीं है। इसलिए पेयजल कनेक्शन देने का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि जब अनुसचिव ने विभागीय स्तर पर किए गए प्रयासों की जानकारी मांगी तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अनुसचिव ने कहा कि योजना की समय सीमा निर्धारित है। इसलिए ऐसे मामलों में व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयासों की भी जरूरत हैं।
विज्ञापन

-----------------------
जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं की डीपीआर तैयार कर मुख्यालय भेजी गई थी। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में स्टेट लेवल स्कीम सिलेक्शन कमेटी की बैठक होनी है। बैठक के दौरान सभी लंबित डीपीआर को स्वीकृति मिलने पूरी संभावना है।
विज्ञापन

- मोहम्मद मिसम, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें