हरिद्वार। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भी लंढौरा कूच करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें जिला कार्यालय से बाहर निकलते ही घेर लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने भाजपाइयों पर खूब जोर आजमाइश की, जिला उपाध्यक्ष नरेश शर्मा को उठाकर गाड़ी में फेंक दिया जिससे उन्हें चोटें आई कुछ अन्य कार्यकर्ता भी चोटिल हुए। जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर समेत कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के बाद नगर पाबंद मुचलका कर छोड़ा गया। भाजपाइयों ने पुलिस पर तानाशाही करने का आरोप लगाया है।
सोमवार को भाजपाइयों को सूचना मिली की पार्टी के नेता कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन आज अपने समर्थकों के साथ लंढौरा स्थित अपने रंगमहल में जाएंगे। महल में एक जून को उग्र भीड़ ने तोड़फोड़ और आगजनी कर दी थी। इस पर कार्यकर्ताओं ने रणनीति बनाई और प्रणव को समर्थन देने के लिए लंढौरा कूच करने की रणनीति बनाई। इसकी सूचना पुलिस को लग गई। दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही भाजपाई देवपुरा सिथत जिला कार्यालय से बाहर निकलने लगे नगर मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह और सीओ सदर जेपी जुयाल के नेतृत्व में बड़ी तादाद में पुलिस ने कार्यकर्ताओं को घेर लिया। कुछ कार्यकर्ता अपनी गाड़ियों में बैठने लगे तो पुलिस ने उनकी गाड़ी की चाबी निकाल ली। सभी को हिरासत में लेकर नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय ले जाया गया। जहां निजी मुचलके पर पाबंद कर छोड़ दिया गया।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष विकास तिवारी, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रीता चमोली, संजना शर्मा, सरोज जाखड़, शिवांगी त्रिपाठी, किशन बजाज, अतुल चौहान, आशु चौधरी, अभिषेक त्रिपाठी, रेणु शर्मा आदि समेत करीब 25 कार्यकर्ता शामिल थे। जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के इशारे पर पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं का शोषण कर रही है। आखिर लंढौरा में पुलिस क्या छिपाना चाहती है यह बात स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा जनता की अदालत में जाएगी और जनांदोलन छेड़ा जाएगा।