नगर और आसपास के क्षेत्रों में रामनवमी धूमधाम से मनाई गई। नवमी पर घरों में कन्या पूजन कर लोगों ने नौ दिनों से चले रहे व्रत समाप्त कर माता से सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कई मंदिरों में रामचरित मानस के बाल कांड का पाठ किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर माता के दर्शन करने के बाद हलवा पूरी का भोग भी लगाया।
चैत्र नवरात्र के समापन पर रामनवमी को लोगों ने मां सिद्धदात्री की पूजा-अर्चना की। रविवार को शहर में श्रद्धालुओं ने कन्याओं को जिमाने के बाद अपने व्रतों का उद्यापन किया। कन्याओं को जिमाने के बाद उन्हें उपहार दिए गए। शहर के माता मनसा देवी, चंडी देवी, सुरेश्वरी देवी मंदिर, शीतला देवी मंदिर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
ढूंढे से भी नहीं मिली कन्याएं
नवरात्र की रामनवमी के अवसर पर व्रतियों को उद्यापन करने के लिए कन्याओं को ढूंढने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। सुबह से ही लोग घरों में जाकर कन्याओं को ढूंढने के लिए लग गए। कई श्रद्धालु तो ऐसे रहे। जिन्होंने अपने व्रत के उद्यापन के लिए गाय को प्रसाद दिया।