हरिद्वार। नए सत्र के पहले ही दिन भेल के सेक्टर एक स्थित शिक्षण संस्थान विद्या मंदिर सीनियर सेकेंड्री स्कूल हमेशा के लिए बंद हो गया। भेल प्रबंधिका ने शुक्रवार को इस शिक्षण संस्था को बंद कर दिया है। शुक्रवार को कक्षाओं से फर्नीचर निकालना शुरू कर दिया। कक्षा कक्षों के दरवाजों पर ताले लटक गए। अब यह स्कूल यहां से पढ़े छात्रों की यादों में जिंदा रहेगा।
भेल में नौकरी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के बच्चों को शैक्षिक सुविधा मुहैया कराने के लिए भेल परिसर में कई स्कूल स्थापित किए गए थे। इन स्कूलों का लाभ ज्वालापुर, हरिद्वार और आसपास क्षेत्र के बच्चों को भी मिलता रहा। इन्हीं स्कूलों में से एक स्कूल सेक्टर एक में विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडी स्कूल के नाम से 1967 से संचालित किया जा रहा था। इस स्कूल का प्रदर्शन प्रदेशभर में बेहतर माना जाता था। यहां के बच्चों ने कई बार प्रदेश की मेरिट में अपने नाम दर्ज कराए। भेल के सभी स्कूलों का संचालन भेल एजूकेशन मैनेजमेंट बोर्ड (ईएमबी) की ओर से किया जाता है। मसलन शिक्षक और कर्मचारियों की नियुक्ति और सभी संसाधन ईएमबी की ओर से मुहैया कराए जाते हैं। पिछले कुछ दिन पहले विद्या मंदिर को बंद करने का फैसला ईएमबी की ओर लिया गया। बंद किए जाने के पीछे यहां छात्रों की संख्या कम होना बताया गया था।
नए सत्र 2016-17 के पहले दिन शुक्रवार को स्कूल में बच्चे नहीं आए। यहां सन्नाटा पसरा रहा। कक्षाओं में फर्नीचर नहीं रहा और कक्षाओं के दरवाजों पर हमेशा के लिए ताले लटक गए। कुछ शिक्षक एक मेज के चारो तरफ बैठकर समय बिताते जरूर मिले।
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गुस्से में अभिभावक
स्कूल को बंद करने से यहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में भारी रोष है। ज्वालापुर निवासी अमर सिंह का कहना है कि विद्या मंदिर की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी बेटी का दाखिला यहां कराया था लेकिन भेल प्रबंधिका ने स्कूल बंद करने का निर्णय लेकर ठीक नहीं किया। स्कूल का संचालन जारी रखना चाहिए था। बच्चों को दूसरे स्कूल में भेजने पर वाहन खर्च ज्यादा पडे़गा। गंगानगर निवासी मुकेश, गिरीशचंद और महेश कुमार आद अभिभावकों ने भी स्कूल को बंद करने के निर्णय विरोध किया। उनका कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
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किसी का भी हित नहीं होगा प्रभावित
भेल ईएमबी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि इस स्कूल को बंद करने का निर्णय लगातार घट रहे छात्रों की संख्या के कारण लिया गया है । इस प्रक्रिया में छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस स्कूल में पढ़ने वाले सभी छात्रों को ईएमबी के अंतर्गत आने वाले अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा । साथ ही सभी शिक्षकों व अन्य स्टाफ को भी आवश्यकता अनुसार ईएमबी के अंतर्गत आने वाले अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे सभी छात्रों को बेहतर शिक्षण व अन्य सुविधाएं प्राप्त हो सके।