शहर से लेकर देहात तक बृहस्पतिवार को गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन किया गया। इस दौरान भक्तों ने शोभा यात्राएं निकालकर गणपति भगवान की प्रतिमाएं गंगा में विर्सजित की। भक्तों ने उन्हें दोबारा आने के लिए आमंत्रित किया। देर रात तक प्रतिमाओं का विसर्जन जारी रहा।
पांच सितंबर से शहर में गणपति महोत्सव धूम थी। हरिद्वार के कनखल, भेल, ज्वालापुर सहित आसपास के देहात में भी जगह-जगह गणपति भगवान की प्रतिमाओं को स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना चल रही थी। बृहस्पतिवार को अधिकतर स्थानों पर विसर्जन के साथ इन कार्यक्रमों का समापन हो गया। बादशाहपुर में युवा कमेटी द्वारा पांचवां गणपति महोत्सव उल्लास से मनाया गया। इस बीच पूजा अर्चना की गई और भजन संध्याओं के विशेष आयोजन किए गए। बृहस्पतिवार को गणपति मूर्तियों की विसर्जन से पूर्व शोभायात्रा निकाली। इस मौके पर पंकज ब्रसवाल, नरौत्तम, विक्की, सुभाष, अरविंद, जितेंद्र, रविंद्र आदि का सहयोग रहा।
कनखल स्थित दयानंद नगरी में श्री गंगेश्वर महादेव मंदिर में गणपति महोत्सव हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया। भक्तों ने गणपति प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की। पूजन आचार्य पंडित महेश चंद्र शास्त्री ने कराया। भक्तों ने गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ शोभायात्रा निकाली। इसके बाद सिंहद्वार पर गणपति भगवान की विधि विधा से पूजा अर्चना करते हुए विसर्जन किया गया। इस मौके पर मुकेश कौशिक, पार्षद राजकुमार, मनीष कश्यप, जयनारायण चौहान, अनंगपाल सिंह, सीताराम, चैतन्य महाप्रभु, भूपेंद्र गौड़, राजेंद्र गुप्ता, जितेंद्र कुमार, रवि बालियान, दीपक पंवार, सरिता पुरोहित, पंकज आदि शामिल हुए।