हरिद्वार/पथरी। गंगा में खनन को लेकर हरिद्वार में माहौल गरमाने लग गया है। मातृसदन इसे बंद करवाने को लेकर दो दिन से तपस्या पर है। वहीं रविवार को मातृसदन के परमाध्यक्ष को बिशनपुर कुंडी में अवैध खनन की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उनकी सूचना पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। लेकिन मातृसदन का आरोप है कि टीम गांव तक पहुंची लेकिन इससे आगे न गई और न किसी के खिलाफ कार्रवाई की। प्रशासन ने आरोपों को गलत बताया। आत्मबोधानंद की तपस्या के विरोध में सामाजिक सेना के जिला उपप्रमुख ने तीन दिन बाद अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। जबकि व्यापार मंडल ने मातृसदन के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है।
मातृसदन के संतों ने अवैध खनन होते पकड़ा
हरिद्वार/पथरी। गंगा में अवैध खनन के विरोध में मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की तपस्या दूसरे दिन रविवार को भी जारी रही। उन्होंने कहा कि जब तक अवैध खनन पर रोक नहीं लगती उनकी तपस्या जारी रहेगी। उधर, रविवार सुबह मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती और ब्रह्मचारी दयानंद ने बिशनपुर कुंडी के पास पहुंचकर गंगा में खनन होता पाया। बड़ी संख्या में वाहन खनन में जुटे हुए थे। स्वामी शिवानंद सरस्वती की सूचना पर तहसीलदार दिनेश मोहन उनियाल गांव पहुंचे। मातृसदन का आरोप है कि तहसीलदार गांव के मंदिर से आगे नहीं गए। उन्हें अवैध खनन के बारे में बताया भी गया लेकिन कार्रवाई तक नहीं की। ब्रह्मचारी दयानंद के अनुसार यह वही पट्टा है जिसके पट्टाधारक ने प्रशासन पर अनुमति देने के बाद भी पट्टे से खनन नहीं होने देने का आरोप लगाकर न्यायालय में याचिका दायर की है। इतना ही नहीं प्रशासन इस याचिका को आधार बनाकर कार्रवाई भी नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवंटित पट्टे की सीमा से बाहर भी खनन किया जा रहा था। तहसीलदार दिनेश मोहन उनियाल ने ब्रह्मचारी दयानंद के दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा जब वह मौके पर पहुंचे तो कोई खनन नहीं हो रहा था। प्रशासन अवैध खनन रोकने के लिए कृत संकल्प है। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने बताया कि जब तक खनन नहीं रोका जाएगा तब तक तपस्या जारी रहेगी। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संजीव चौधरी ने आत्मबोधानंद की तपस्या को गंगा रक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया और अपने समर्थन की घोषणा की।
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सामाजिक सेना मातृसदन के खिलाफ करेगी अनशन
हरिद्वार। रविवार को सामाजिक सेना के पदाधिकारी ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ से मिले और उन्हें अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन दिया। नौ सूत्री ज्ञापन में मातृसदन के संतों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें यूपी के खनन माफिया के साथ सांठगांठ, खनन की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने, ब्रह्मचारी निगमानंद की मौत के मामले में स्वामी शिवानंद और ब्रह्मचारी दयानंद की भूमिका की भी जांच कराने, खनन तत्काल शुरू कराने आदि मांगे शामिल हैं। मांगे नहीं माने जाने पर मातृसदन के चौक पर सरफराज अंसारी की और से दो दिसंबर से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी। संस्था पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि मातृसदन चौक पर किसी को भी अनशन करने का अधिकार नहीं है। अगर ऐसा किया गया तो इसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने मातृसदन पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया। कहा कि आरोप लगाने वाले इन आरोपों को सत्य साबित करके दिखाएं।
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समस्त गंगा के लिए अनशन करें महात्मा: उपाध्याय
हरिद्वार। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि गंगा में हरिद्वार से आगे नजीबाबाद, बिजनौर और इससे आगे तक खनन हो रहा है। रात दिन बड़ी-बड़ी मशीनें इस काम में लगी हुई हैं। यदि किसी महात्मा को अनशन ही करना है तो हरिद्वार ही क्यों समस्त गंगा में खनन पर रोक की मांग को लेकर करना चाहिए। रानीपुर मोड़ स्थित एक होटल में पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता में उन्होंने कहा कि गंगा में अवैध खनन नहीं होना चाहिए। इसके लिए वह संबंधित विभाग के अधिकारियों सहित मंत्री से वार्ता करेंगे। पहले तो 150 घन मीटर स्थानीय लोगों के लिए खनन की मंजूरी थी, लेकिन अब वह भी नहीं रह गई है। इससे स्थानीय लोगों को भी अपने कार्य के लिए सामग्री नहीं मिल रही है। इस सवाल पर कि गंगा में रायवाला से भोगपुर तक के लिए किसी भी प्रकार से खनन न होने की मुख्यमंत्री की घोषणा पर पूछे जाने पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह अवैध खनन के खिलाफ हैं।