हरिद्वार। पहाड़ों में हुई तेज बारिश के बाद हरिद्वार में गंगा का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया। दोपहर में 293.05 तक गंगा का जल स्तर पहुंच गया। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और सभी बाढ़ सुरक्षा चौकियों के प्रभारियों को सतर्क रहने के साथ ही गंगा के तटीय गांवों के लोगों को भी सतर्क कर दिया गया। हालांकि देर शाम बढ़ रहा जल स्तर स्थिर हो गया।
शुक्रवार को पर्वतीय क्षेत्र के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश के बाद गंगा और उसकी सहायक नदियों में पानी बढ़ गया। गंगा में पानी बढ़ने पर ऋषिकेश स्थित बैराज से शुक्रवार को अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। पानी छोड़ने से गंगा का जल स्तर शुक्रवार को तेजी से बढ़ा। दोपहर बाद जल स्तर खतरे के निशान 294 मीटर की तरफ बढ़ रहा था। शाम को गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया। शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 293.05 मीटर तक दर्ज किया गया। इस पर जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से सभी राजस्व अधिकारियों और बाढ़ सुरक्षा चौकी प्रभारियों को सतर्क कर दिया। सभी को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा
- जिला प्रशासन ने पूरे जिले में जारी किया हाईअलर्ट
- कांगड़ी में गांव के नजदीक तक हुआ तटबंध का कटाव
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। पहाड़ों में हुई तेज बारिश के बाद हरिद्वार में गंगा का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया। दोपहर में 293.05 तक गंगा का जल स्तर पहुंच गया। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और सभी बाढ़ सुरक्षा चौकियों के प्रभारियों को सतर्क रहने के साथ ही गंगा के तटीय गांवों के लोगों को भी सतर्क कर दिया गया। हालांकि देर शाम बढ़ रहा जल स्तर स्थिर हो गया।
शुक्रवार को पर्वतीय क्षेत्र के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश के बाद गंगा और उसकी सहायक नदियों में पानी बढ़ गया। गंगा में पानी बढ़ने पर ऋषिकेश स्थित बैराज से शुक्रवार को अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। पानी छोड़ने से गंगा का जल स्तर शुक्रवार को तेजी से बढ़ा। दोपहर बाद जल स्तर खतरे के निशान 294 मीटर की तरफ बढ़ रहा था। शाम को गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया। शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 293.05 मीटर तक दर्ज किया गया। इस पर जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से सभी राजस्व अधिकारियों और बाढ़ सुरक्षा चौकी प्रभारियों को सतर्क कर दिया। सभी को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कांगड़ी गांव के तटबंध में कटाव
श्यामपुर। श्यामपुर क्षेत्र के कांगड़ी गांव में शुक्रवार को गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगा के किनारों में भारी कटाव होने लगा। गंगा का पानी गांव से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर पहुंच गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। शुक्रवार की दोपहर जैसे ही गंगा का जलस्तर बढ़ा तो कांगड़ी गांव के किनारों में कटाव होने लगा। कई जगह बहुत तेजी से कटाव होने के कारण पानी तेजी से गांव की तरफ बढ़ा। ग्राम प्रधान राजेश कुमार का कहना है कि संभावित खतरे को देखते हुए पहले ही प्रशासन को कटाव की आशंका से अवगत करा दिया गया था। यहां बनाए गए पक्के तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए है। प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
तेज बहाव में फंस गया गजराज
श्यामपुर। कांगड़ी गांव के गंगा पार करते समय एक हाथी तेज बहाव में फंस गया। इस जगह पर हर रोज राजाजी पार्क के हाथी गंगा को पार करते हैं। शुक्रवार को पानी बढ़ गया। इस दौरान एक हाथी फंस गया। यह देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ जुट गई। देर शाम तक हाथी वहां फंसा रहा। श्यामपुर। श्यामपुर क्षेत्र के कांगड़ी गांव में शुक्रवार को गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगा के किनारों में भारी कटाव होने लगा। गंगा का पानी गांव से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर पहुंच गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। शुक्रवार की दोपहर जैसे ही गंगा का जलस्तर बढ़ा तो कांगड़ी गांव के किनारों में कटाव होने लगा। कई जगह बहुत तेजी से कटाव होने के कारण पानी तेजी से गांव की तरफ बढ़ा। ग्राम प्रधान राजेश कुमार का कहना है कि संभावित खतरे को देखते हुए पहले ही प्रशासन को कटाव की आशंका से अवगत करा दिया गया था। यहां बनाए गए पक्के तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए है। प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।