दो दिन पहाड़ों में हुई तेज बारिश से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 294 से एक मीटर ऊपर यानी 295.05 मीटर पर पहुंच गया। करीब छह घंटे तक खतरे के निशान से ऊपर बहते रहने से कई गांवों की फसलें चौपट हो गई। वहीं बैरागी पार्किंग में बनाया गया अस्थाई पुल का आधा हिस्सा बह गया। बैरागी कैंप में भी पानी भर गया। इससे लोगों की रात जागकर दहशत में कटी। गंगा के बढ़ते जलस्तर से आसपास स्थित गांव के लोगों में भी दहशत बनी हुई है।
रविवार की रात को अचानक से गंगा का जलस्तर बढ़ गया। रविवार की रात को जलस्तर 293.55 मीटर दर्ज किया तो आधी रात के बाद जलस्तर बढ़ने लगा। तड़के तीन बजे पानी का जलस्तर 295.05 मीटर पर जलस्तर पहुंच गया। इससे जिला प्रशासन के साथ गंगा के किनारे बसे गांवों के लोगों में हड़कंप मच गया। तहसीलदार आशीष घिल्डियाल लेखपालों के साथ गंगा के तटीय क्षेत्रों में पहुंचे और गांवों के लोगों को सतर्क किया। चंडी घाट के पास झोपड़ी डालकर रह रहे लोगों को जलस्तर बढ़ने पर वहां से हटने के आदेश दिए। इसी के साथ बैरागी पार्किंग के पास बसी कालोनी बैरागी कैंप में भी पानी पहुंच गया। इससे यहां बसे नीचले घरों में पानी भर गया। यहीं नहीं कांवड़ यात्रा में बनाए गए बैरागी कैंप को कनखल से जोड़ने वाला आधा पुल बह गया। पुलिस लाइन की घोड़ा लाइन के पास पानी लबालब भर गया। इसके बाद सिल्ट आने से रविवार की आधी रात को गंगनहर के पानी को बंद कर दिया गया। तहसीलदार आशीष घिल्डियाल ने बताया कि दोपहर तक गंगा का जलस्तर सामान्य हो गया, इससे लोगों ने राहत की सांस ली है।