हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती और मुख्यमंत्री हरीश रावत दोनों ही गंगा के द्रोही हैं। उन्होंने कहा कि अब गंगा से गाद निकालने के नाम पर खनन की चोरी का लाइसेंस देने की तैयारी चल रही है। यदि ऐसा किया गया तो मातृसदन फिर गंगा की रक्षा के लिए आंदोलन करेगा।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि उत्तराखंड को सरकारों ने खनन माफिया के लिए सोने की चिड़िया बनाकर रख दिया है। यह बात पहले ही स्पष्ट हो चुकी है कि हरिद्वार में गंगा में ऊपर से एक भी पत्थर बहकर नहीं आता है। हरिद्वार में भीमगोड़ा से भोगपुर तक तो खनन हो ही नहीं सकता। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर एक बार फिर खनन माफिया को गंगा का दोहन करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ ही केंद्रीय मंत्री उमा भारती को भी गंगा के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उमा भारती ने गंगा के लिए काम करने के दावे तो बहुत किए धारी देवी को न हटाए जाने की मांग को लेकर हरिद्वार में अनशन के नाम पर नौटंकी की थी, लेकिन उस मामले में भी आज तक कुछ नहीं किया। पिछले महीने नमामि गंगा योजना की शुरूआत तो की लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। स्वामी शिवानंद ने कहा कि गंगा की अस्मिता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो मातृसदन गंगा के लिए कोई भी बलिदान देने को तैयार है।