मंगलवार की रात खंडग्रास चंद्रग्रहण पड़ रहा है। यह चंद्रग्रहण पूरे तीन घंटे लंबा होगा। ग्रहण का सूतक मंगलवार को तीसरे पहर 4.31 बजे लग जाएगा। ग्रहण का समापन बुधवार की तड़के 4.30 बजे होगा। चंद्रग्रहण के कारण हरकी पैड़ी पर होने वाली गंगा आरती दोपहर बाद तीन बजे होगी।
भारत में दिखाई देने वाला इस वर्ष का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण 16/17 की आधी रात पड़ेगा। मंगलवार की रात्रि होने के कारण इसका सूतक आठ घंटे पहले सायं 4.30 बजे लग जाएगा। धर्मनगरी के तमाम मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। किसी भी मंदिर में सायंकालीन आरती नहीं होगी। हरकी पैड़ी पर गंगा आरती केवल सूर्य ग्रहण के सूतक में ही रोकी जा सकती है, इसलिए चंद्रग्रहण पर मंगलवार को दोपहर बाद तीन बजे गंगा आरती होगी। आरती हर सूरत में 4.30 बजे से पहले सम्पन्न हो जाएगी। गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि दोपहर के समय गंगा मैय्या को भोग लगाने के बाद गंगा आरती की तैयारियां शुरू कर दी जाएगी। हरकी पैड़ी पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों से यात्रियों को गंगा आरती जल्दी होने की सूचना पहले ही प्रसारित कर दी जाएगी। सूतक लगने के बाद किसी भी मंदिर में पूजा नहीं होगी और मंदिरों के कपाट फिर दोबारा बुधवार की सवेरे ही खुलेंगे। प्रात:कालीन आरती मंदिरों की सफाई करने के बाद की जाएगी। मंगलवार की अर्द्धरात्रि चंद्रग्रहण का स्पर्श 1.31 बजे होगा। ग्रहण का मध्य तड़के 3.01 बजे होगा। चंद्रमा को ग्रहण से मोक्ष सवेरे 4.30 बजे मिलेगा। मोक्ष के साथ ही ग्रहण का सूतक समाप्त हो जाएगा। मोक्ष मिलने के बाद तड़के ही तीर्थ यात्री गंगा के तटों पर स्नान करेंगे।