राष्ट्रपति के रूप में हरकी पैड़ी पर गंगा आरती करने वाले प्रणब मुखर्जी तीसरे राष्ट्रपति होंगे। इनसे पहले देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद और राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह आरती कर चुके हैं।
डा. एपीजे अब्दुल कलाम के लिए भी गंगा आरती पर विशेष प्रबंध किए गए थे। दो बार वह हरिद्वार भी आए। लेकिन अति व्यस्त कार्यक्रम के चलते वह दोनों बार आरती में शामिल नहीं हो पाए। इनके अलावा इंदिरा गांधी सहित देश के कई प्रधानमंत्री गंगा आरती कर चुके हैं। महात्मा गांधी ने दो बार हरकी पैड़ी पहुंचकर गंगा मैया के दर्शन किए। जबकि देश-विदेश के कई राजनायिक गंगा आरती में शामिल होते रहे हैं।
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पुरोहितों को नहीं मिली अनुमति
हरिद्वार (ब्यूरो)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्वागत में कड़े सुरक्षा प्रबंधों के चलते गंगा सभा के प्रधानसभा सदस्यों को न बुलाने से पुरोहितों में रोष है।
गंगा सभा के महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि राष्ट्रपति के स्वागत में न सही, लेकिन जब राष्ट्रपति गंगा आरती कर रहे हों तब पुरोहित हरकी पैड़ी पहुंच पाएं। गौरतलब है कि गंगा सभा में प्रधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या करीब 700 है। पहले जब दो बार राष्ट्रपति आए थे तब भी पूरी प्रधानसभा ने राष्ट्रपति का अभिनंदन किया था। पुरोहित चाहते हैं कि पूर्व परंपराओं का निर्वहन करते हुए शताब्दी वर्ष में प्रधानसभा महामहिम का अभिनंदन करे। गंगा सभा की ओर से राष्ट्रपति को चांदी का अभिनंदन पत्र और चांदी की गंगाजली भेंट की जाएगी। पुरोहित उन्हें वैदिक मंत्रों के साथ आशीर्वाद प्रदान करना चाहते हैं।